चुनौतियों को लेखनी के माध्यम से ही मिलती है सच्ची आवाज
गोष्ठी… इंदौर (मप्र)। सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ने के लिए लगन, अनुशासन, सहनशक्ति और एकाग्रता बेहद जरूरी है। पारिवारिक सहयोग से ही महिलाएं अपनी सेहत और लेखन को सहेज सकती हैं, क्योंकि खेल और लेखन दोनों ही विधाओं की चुनौतियों को लेखनी के माध्यम से ही सच्ची आवाज मिलती है। यह बात कही मुख्य … Read more