अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव ही वास्तव में ‘भारत उदय’
‘नर्मदा साहित्य मंथन’- समापन… इंदौर (मप्र)। भारत शोध और बोध का देश रहा है और दोनों का आधार ही आध्यात्म रहा है। हमारे विचार का आधार भी आध्यात्म ही है। आज भारत का उदय हो रहा है। भारत के विकास में समाज के अंतिम व्यक्ति की सहभागिता और जीवन में बदलाव आना ही वास्तव में … Read more