निशा भास्कर की रचनाओं में समकालीन कविता का नया तेवर-सिद्धेश्वर
पटना (बिहार)। महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा प्रवर्तित मुक्त छंद का मूल उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करना था, न कि काव्यात्मकता का लोप करना। जब नई पीढ़ी के रचनाकार पुनः छंद और लय की ओर उन्मुख होते दिखाई दे रहे हैं, तो यह हिंदी कविता के उज्ज्वल भविष्य का सकारात्मक संकेत है।इसी सकारात्मक … Read more