‘साहित्योदय’ ने कराई शानदार काव्य गोष्ठी व परिचर्चा

धनबाद (झारखंड)। धनबाद स्टील गेट स्थित सी.सी. डब्लू. कॉलोनी में ‘साहित्योदय’ साहित्यिक संस्था की ओर से संस्था की जिलाध्यक्षा रिंकू दुबे ‘वैष्णवी’ के नेतृत्व में काव्य गोष्ठी और परिचर्चा आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार व संपादक ज्ञानवर्धन मिश्र ने की। आयोजन में वरिष्ठ साहित्यकार व ‘साहित्योदय’ संस्था (धनबाद) के मार्गदर्शक संजय सिंह … Read more

जयंती पर ‘अरूणोदय’ लोकार्पित

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पटना (बिहार)। सरस्वती विद्या मंतिर सभागार में गुरू गोविंद जी के पुत्र जोरावर सिंह, फतेह सिंह के शहीदी सप्ताह, भारत के प्रधानमंत्री रहे ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी तथा महामना पं. मदनमोहन मालवीय की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर लोक शिक्षा समिति के मातृशक्ति विशेषांक ‘अरुणोदय’ का लोकार्पण भी किया गया।सर्वप्रथम मंत्रोचारण के साथ … Read more

उनकी लेखनी ऐसे साहित्य का सृजन करती रही, जो अनमोल धरोहर बन गया

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रामवृक्ष बेनीपुरी जयंती स्मरण… पटना (बिहार)। तरुणाई से मृत्यु तक वे अपने सीने में अग्नि का पोषण करते रहे। वही अग्नि उनकी लेखनी ऐसे साहित्य का सृजन करती रही, जिसने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन के अमर सिपाहियों को ऊर्जा दी, बल्कि साहित्य संसार की अनमोल धरोहर बन गया। वह अग्नि-पोषक साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी संघर्ष के … Read more

पुस्तक ‘आज क्या खाना बनेगा ? एक अनुत्तरित प्रश्न’ लोकार्पित

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पटना (बिहार)। लेखिका रूबी कुमारी की पुस्तक ‘आज क्या खाना बनेगा ? एक अनुत्तरित प्रश्न’ का लोकार्पण २६ दिसम्बर को कंकड़बाग कॉलोनी में खाद्य एवं पोषण विभाग (भारत सरकार) की प्रशिक्षिका डॉ. गीता जैन द्वारा किया गया। यह पुस्तक व्यंजनों की एक विशेष श्रृंखला प्रस्तुत करती है। इस अवसर पर रूबी कुमारी ने बताया कि … Read more

हिंदी और भारतीय भाषाएँ आपस में सहोदर-संतोष चौबे

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सम्मेलन… तृशूर (केरल)। हिंदी और भारतीय भाषाएँ आपस में सहोदर हैं। वे एक-दूसरे को समृद्धशाली बनाती हैं। इनमें रचे गए साहित्य का आकलन मन के चश्मे से करेंगे तो एक नयी दृष्टि मिलेगी। हमारी अदृश्यता को भेदने का कार्य कला-साहित्य ही कर सकते हैं, विज्ञान नहीं।तृशूर (केरल) में दक्षिण भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन का शुभारंभ … Read more

गीत संग्रह ‘मौन को सुनकर कभी देखो’ लोकार्पित

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मुरादाबाद (उप्र)। नवगीतों के रचनाकार योगेन्द्र वर्मा व्योम के गीत-संग्रह ‘मौन को सुनकर कभी देखो’ का लोकार्पण संस्था हिन्दी साहित्य संगम के तत्वावधान में मुरादाबाद स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन के सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अजय अनुपम ने की। मुख्य अतिथि विख्यात बाल साहित्यकार राजीव सक्सेना रहे। आयोजन में … Read more

गढ़वाल और प्रथम विश्व युद्ध’ पुस्तक पर हुई रोचक चर्चा

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देहरादून (उत्तराखंड)। फुलवारी में वर्षान्त की पुस्तक चर्चा में लेखक और शिक्षाविद् देवेश जोशी की सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘गढ़वाल और प्रथम विश्व युद्ध’ पर हुई चर्चा में जिज्ञासा और रोचकता का संगम रहा। चर्चा में पूर्व पुलिस महानिदेशक और साहित्यकार अनिल रतूड़ी, लेखक और उत्तराखंड शासन में अपर सचिव ललित मोहन रयाल ने मुख्य रूप … Read more

शांति जी की हास्य-कविताएँ आज भी प्रासंगिक

लोकार्पण… दिल्ली। जब घरों में भी महिलाओं के खिल-खिलाकर हँसने पर पाबंदी थी, ऐसे समय में कवि-सम्मेलन के मंच पर यदि किसी स्त्री ने हास्य-रस की प्रस्तुति दी तो वह एकमात्र कवयित्री शांति अग्रवाल जी थीं। ‘शालीन हास्य’ डोरी पर चलने के समान है। आँसू को आँसू के रूप में लिखना बड़ी बात है, लेकिन … Read more

५ रचनाकारों को डाॅ. तिवारी स्मृति सम्मान २९ दिसम्बर को

इंदौर (मप्र)। वरिष्ठ शिक्षक और लेखक डाॅ. एस.एन. तिवारी की स्मृति में इस वर्ष का साहित्यिक सम्मान ५ रचनाकारों को दिया जाएगा। यह समारोह रविवार २९ दिसंबर को इंदौर प्रेस क्लब के सभागृह में होगा।डाॅ. एस.एन. तिवारी स्मृति समिति के संयोजक मुकेश तिवारी ने बताया, कि वरिष्ठ लघुकथाकार डाॅ. पुरुषोत्तम दुबे, हिन्दी मासिक ‘वीणा’ के … Read more

भारत के विकास में हिंदी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका-श्री बिरला

दिल्ली। हिंदी भारत की आत्मा व पहचान है तथा अन्य भाषाओं के साथ इसने समाज तथा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिंदी ने देश की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोया है और उसे सशक्त बनाया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इटावा हिंदी सेवा निधि के ३०वें वार्षिक अधिवेशन को … Read more