बच्चों के हाथ में बाल साहित्य दें
गोष्ठी… भोपाल (मप्र)। छोटे छोटे बच्चों के हाथ में मोबाइल देने के स्थान पर उन्हें नानी-दादी वाली कहानियाँ, लोरी और कविताएँ सुनाना चाहिए, ताकि उनके मस्तिष्क का समुचित विकास हो। बाल साहित्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।वरिष्ठ बाल साहित्यकार श्रीमती ऊषा जायसवाल ने मध्यप्रदेश लेखक संघ द्वारा आयोजित प्रादेशिक बाल साहित्य गोष्ठी में मुख्य … Read more