साहित्य सृजन में राष्ट्रबोध सर्वोपरि हो-डॉ. दवे
भोपाल (मप्र)। दुबे जी के तीनों उपन्यास के कथानक भिन्न परंतु रोचक है। ‘एक राही अलबेला’ उपन्यास जासूसी के साथ-साथ साहित्यिक उपन्यास है। मिशन और प्रोफेशन की पवित्रता हमारे दृष्टिकोण पर निर्भर है। ये उपन्यास हीनता के बोध से मुक्त करते हैं।साहित्य सृजन में राष्ट्रबोध सर्वोपरि हो।यह विचार मप्र साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास … Read more