माँ नर्मदा पुण्यों का उपहार
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नित प्रवाहिनी नर्मदे, तेरा ताप अपार।देती है तू जीव को, पुण्यों का उपहार॥ रेवा मैया तू सदा, करती है उपकार।बनकर के वरदान तू, कर देती भव पार॥ दर्शन तेरे उच्चतम, नीर सुधा का रूप।शिवतनया हे! नर्मदे, तू नित खिलती धूप॥ रेवा माता मेकला, पापहारिणी ख़ूब।नाश करे दुष्कर्म का, बन पूजा की … Read more