कैसे नैया पार हो
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कैसे नैया पार हो, कृपा सिन्धु बिन तोर।हे जगदीश्वर शरण दे, ज्ञान ज्योति दे मोर॥ तू सर्जक पालक जगत, महिमा अपरंपार।कैसे नैया पार हो, तू ही तारणहार॥ कैसे नैया पार हो, नश्वर इस संसार।लोभ घृणा मिथ्या कपट, रोग मनुज लाचार॥ अहंकार ऐसा नशा, मतवाले इन्सान।कैसे नैया पार हो, बिना … Read more