सम-सामयिकता लघुकथा की प्रथम आवश्यकता-डॉ. दवे

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इंदौर (मप्र)। लघुकथा सूक्ष्म से विस्तार लेती है, एक गंभीर सोच को मारक बना प्रस्तुत करती है। डॉ. नीहार गीते ने इस पुस्तक में चुन-चुनकर विषय लिए हैं, जो समसामयिक हैं और जीवन की गहरी समझ लिए हैं। लघुकथा की प्रथम आवश्यकता सम-सामयिकता है।यह बात ‘आईसेक्ट’ (भोपाल) द्वारा प्रकाशित डॉ. नीहार गीते के लघुकथा संग्रह … Read more

संस्कारधानी में अभा तुलसी महोत्सव ३ अगस्त को

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जबलपुर (मप्र) | सेवा केंद्र, छोटी लाइन फाटक (जबलपुर) में ३ अगस्त (रविवार) को शाम ६ बजे अखिल भारतीय तुलसी महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर नगर की ममत्व सेवा संस्था के संस्थापक दीपक पचौरी को बहुआयामी सेवाओं के लिए ‘संस्कारधानी गौरव रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

लोकार्पण संग ७ विद्वान सम्मानित

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लखनऊ (उप्र)। सुप्रसिद्ध साहित्यकार, सम्पादक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव की १०४वीं जन्म जयंती पर निराला सभागार हिन्दी संस्थान (लखनऊ) में लोकार्पण समारोह हुआ। डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव साहित्यिक संस्थान के अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव के संयोजन में इसकी अध्यक्षता डॉ. रामकठिन सिंह ने की। मुख्य अतिथि पदम् श्री डॉ. विद्या और सारस्वत अतिथि साहित्यकार … Read more

आज व्यंग्य विधा के लिए अनेक चुनौतियाँ-श्री आच्छा

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संगोष्ठी… हैदराबाद (तेलंगाना)। व्यंग्य लोक जीवन से सीधा साक्षात्कार है और विषमताओं के विरुद्ध धारदार अभिव्यक्ति भी। व्यंग्य कमजोर के संरक्षण और पाखंड के विरुद्ध प्रतिकार की शक्ति है। व्यंग्य केवल सत्ता की विसंगतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कोने-कोने में झांकता है, पर आज व्यंग्य विधा के लिए अनेक चुनौतियाँ हैं।यह बात मुख्य वक्ता … Read more

हृदय तक पहुंच सकते हैं समय एवं परिवेश पर लघुकथा लिखकर

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भोपाल (मप्र)। समकालीन लघुकथा में तकनीक के बढ़ते दखल को रेखांकित करना आज की बड़ी जरूरत है। वर्तमान लघुकथाकार अपने समय एवं परिवेश पर आधारित लघुकथा लिखकर पाठकों के हृदय तक पहुंच सकते हैं। आज प्रस्तुत डॉ. शील कौशिक की सभी लघुकथाएं प्रभावी और महत्वपूर्ण हैं।यह उदगार साहित्यकार सुनीता आंभोरे मुंबई (महाराष्ट्र) ने लघुकथा शोध … Read more

क्षितिज साहित्य संस्था द्वारा सम्मान घोषित

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इंदौर (मप्र)। ‘क्षितिज साहित्य संस्था, इंदौर’ द्वारा वर्ष २०२५ के लिए सम्मान घोषित कर दिए गए हैं। ये सम्मान २ नवम्बर को श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति में होने वाले वार्षिक कार्यक्रम में दिए जाएंगे। संस्था के अध्यक्ष सतीश राठी ने बताया कि क्षितिज लघुकथा शिखर सम्मान संतोष सुपेकर (उज्जैन) को एवं क्षितिज लघुकथा … Read more

समाज में सौहार्द का नवप्रवाह उत्पन्न होता है काव्य आयोजनों से

काव्य संध्या… सोनीपत (हरियाणा)। इस प्रकार के काव्य आयोजनों से न केवल साहित्य को संबल मिलता है, बल्कि समाज में समरसता एवं सौहार्द का नवप्रवाह भी उत्पन्न होता है। साहित्य मात्र मनोरंजन नहीं, यह समाज को सरसता से सचेत करने का माध्यम है।यह बात मुख्य अतिथि जे.पी. शर्मा ने कही। अवसर रहा हास्य और श्रृंगार … Read more

साहित्यिक समिति के अध्यक्ष बने श्रुतिकांत भारती

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हैदराबाद (तेलंगाना)। वीणा वादिनी साहित्यिक समिति की विशेष बैठक शनिवार को आर्य कन्या विद्यालय सुलतान बाजार में हुई। बैठक में मिलिंद प्रकाशन के प्रमुख श्रुतिकान्त भारती को समिति का अध्यक्ष चुना गया। समिति की विभा भारती के निधन के बाद समिति का अध्यक्ष पद रिक्त था।जानकारी के अनुसार साहित्यकार डॉ. प्रभास चन्द्र सिंह चन्दर और … Read more

प्रबुद्ध रचनाकार करते हैं सार्थक आलोचना का स्वागत-श्री प्रभाकर

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पटना (बिहार)। अधिकांश लघुकथाकारों ने अच्छा प्रयास किया है, किंतु उन्हें अपने जानकारों से राय-परामर्श अवश्य लेनी चाहिए। कुछ रचनाओं में बेहद पुराना और घिसा-पिटा विषय दोहराया गया है। स्तरीय आधुनिक लघुकथा का अध्ययन करना चाहिए, इससे उनकी कल्पना का दायरा विशाल होगा। प्रबुद्ध रचनाकार आलोचना से नहीं डरते, बल्कि सार्थक आलोचना का स्वागत करते … Read more

वामा साहित्य मंच ने किया प्रेमचंद जी के किरदारों को याद

इंदौर (मप्र)। वामा साहित्य मंच ने मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में विशेष स्मरण गोष्ठी का आयोजन किया। ‘प्रेमचंद के किरदार, कितने दमदार!’ विषय पर इस साहित्यिक आयोजन में मुंशी जी के कालजयी पात्रों के जीवंत चित्रण और वर्तमान समाज में उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि संस्कृतिकर्मी संजय पटेल रहे।प्रचार … Read more