सम-सामयिकता लघुकथा की प्रथम आवश्यकता-डॉ. दवे
इंदौर (मप्र)। लघुकथा सूक्ष्म से विस्तार लेती है, एक गंभीर सोच को मारक बना प्रस्तुत करती है। डॉ. नीहार गीते ने इस पुस्तक में चुन-चुनकर विषय लिए हैं, जो समसामयिक हैं और जीवन की गहरी समझ लिए हैं। लघुकथा की प्रथम आवश्यकता सम-सामयिकता है।यह बात ‘आईसेक्ट’ (भोपाल) द्वारा प्रकाशित डॉ. नीहार गीते के लघुकथा संग्रह … Read more