जीवन-मूल्यों की अमूल्य धरोहर हैं तुलसीदास जी की रचनाएं

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पटना (बिहार)। गोस्वामी तुलसीदास जी की रचनाएं भारतीय संस्कृति, भक्ति, मर्यादा और जीवन-मूल्यों की अमूल्य धरोहर हैं। ‘रामचरितमानस’ केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों का महत्वपूर्ण मार्गदर्शक भी है। तुलसीदास जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग, सेवा और सदाचार का … Read more

‘कला संवाद’ के संस्करण का मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया विमोचन

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पटना (बिहार)। बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं समकालीन सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कला एवं संस्कृति विभाग, (बिहार सरकार) की पत्रिका ‘कला संवाद’ के तृतीय संस्करण का विमोचन किया गया। यह कला संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया। सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती … Read more

समरसता उद्बोधन का नहीं, आचरण का विषय

व्याख्यानमाला… भोपाल (मप्र)। मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति (हिन्दी भवन न्यास, भोपाल) द्वारा हिन्दी भवन के सारस्वत आयोजनों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ३१वीं पावस व्याख्यानमाला-२०२६ का आयोजन रविवार को हिन्दी भवन (भोपाल) में किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वानों ने साहित्य, सामाजिक समरसता, अध्यात्म व समकालीन सामाजिक सरोकारों पर … Read more

काव्य गोष्ठी में बिखरे सावन के रंग

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बिहार। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट, बिहार इकाई के तत्वावधान में २१ अगस्त को संध्या ७ बजे मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका  शुभारंभ कामेश्वर जी ने सरस्वती वंदना से किया।    आयोजन में श्वेता शरद ने ‘दूल्हों का बाज़ार’, मधु गुप्ता ने ‘वो एक साँवली लड़की’, खुशबू बरनवाल ने ‘वो हाथ-पैर की … Read more

‘वामा के स्वर : नशा मुक्त समाज’  पुस्तिका विमोचित

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इंदौर (मप्र)। वामा साहित्य मंच के  बैनर तले समाजोपयोगी पुस्तिका -‘वामा के स्वर: नशा मुक्त समाज’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। शिवना प्रकाशन से आई इस लघु पुस्तिका में मंच की सदस्यों ने स्लोगन प्रस्तुत किए हैं।    मंच की प्रचार प्रमुख सपना साहू ‘स्वप्निल’ ने बताया कि मई में मंच द्वारा नशा मुक्ति पर … Read more

विसंगतियों का यथार्थ झलका ‘कफ़न’ के मंचन में

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पटना (बिहार)। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी (पटना) के संयुक्त तत्वावधान में प्रेमचंद रंगशाला में ‘मुंशी प्रेमचंद जयंती समारोह २०२६’ रखा गया। इसमें रंग गुरुकुल (पटना) द्वारा मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानी ‘कफ़न’ का सफल मंचन किया गया।   इसका नाट्य रूपांतरण व निर्देशन राजवीर गुंजन ने किया। नाटक में गरीबी, … Read more

कृष्ण बिहारी पाठक को मिला ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन’ सम्मान

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गोरखपुर (उप्र)। शताब्दी साहित्यकार पद्मश्री रामदरश मिश्र के जन्मदिन पर रामदरश मिश्र न्यास द्वारा प्रतिष्ठित शताब्दी सृजन सम्मान साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक को दिया। रामदरश मिश्र न्यास द्वारा इस वर्ष पहली बार किसी आलोचना कृति को यह दिया गया है।            गरिमामयी समारोह में श्री पाठक को साहित्य अकादमी के पूर्व … Read more

प्रकृति में काव्य और कलाएं समाहित

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संगोष्ठी…. मंडला (मप्र)। मानव और प्रकृति का संबंध अत्यंत प्राचीन है। प्रकृति में काव्य और सभी कलाएँ समाहित हो जाती हैं। अज्ञेय द्वारा संपादित ‘रूपांबरा संग्रह’ में प्रकृति और काव्य की अत्यंत सुंदर व्याख्या मिलती है।      यह बात रजा स्मृति समारोह में ‘साहित्य और प्रकृति’ विषय पर हुई संगोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और … Read more

आदिवासी गीतों में ‘पर्यावरण’ शब्द नहीं मिलता

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वाराणसी (उप्र)। हमारी भाषा में ध्वनियों का भी अर्थ होता है। मेरी रचनाओं में सिर्फ ‘मैं’ नहीं है, ‘हम’ है। हमारे पुरखों द्वारा वाचिक परंपरा से हम तक पहुँचाया गया ज्ञान है। प्रकृति हमें सिखाती है कि हमारे बीच कुछ भी सुंदर, असुंदर नहीं है। पर्यावरण शब्द नया है। आदिवासी गीतों में आप यह शब्द … Read more