हिसाब-किताब कर लो
जी.एल. जैनजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* स्वयं का स्वयं से अनुबंध कर लो,विखरे हुए संबंध को अटूट कर लोअथाह कचरा है आत्मा के कोने में,आत्मा को स्वच्छ व निर्मल कर लो। भटके हो पर अब विश्वास कर लो,साँसों का हिसाब-किताब कर लोमोल नहीं होता अच्छे कर्मों का,अच्छे-बुरे कर्मों का तोल कर लो। रास्ते में मिले हो तो रास्ता … Read more