वर दायिनी माँ
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ज़िंदगी एक वसंत… (वसंत पंचमी विशेष)… अधर मधुर मुख-मंडल सुंदरमंद-मंद मुस्कान झरे,जग तारिणी हे वर दायिनी!जन-जन में नव प्राण भरे। श्वेत कमल पर आन विराजीभक्तों के सब कष्ट हरे,ज्ञान-दीप की ज्योति जला करसकल जगत आलोक करे। माँ की अनुकम्पा से जग मेंराष्ट्र-प्रेम उर प्यार सजे,शारद वीणा झंकारों सेवंदे मातरम् गान बजे। श्वेत … Read more