चाहे देने पड़ें शीश…
धर्मेन्द्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)************************************************* अब ठान लिया तो हटेंगें नहीं,तू लाख कोशिश कर ले पर बंटेंगे नहींतबाही का मंजर देखेगा तू पाकिस्तान,तेरी गद्दारी को अब हम भूलेंगे नहींअक्ल ठिकाने न आ जाए जब तक,तब तक अब हम भी हटेंगे नहीं। याद है हमें बहुत पृथ्वीराज की गाथा,मोहम्मद गौरी को जब माफ किया थावही गलती … Read more