माँ का स्मरण
दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* नवरात्रि की पावन बेला,सुमिरो माँ जगजननी का नामकरुणा-ममता की मूरत वह,बिगड़े बनाएं सबके काम। अर्घ्य अर्पित करो चरणों में,मन में हो श्रद्धा का भावदीप जले मन मंदिर में,बजे हृदय में भक्ति राग। भाव सजाओ मन मंदिर में,माँ के नाम का हो श्रृंगारहर दिन बन जाए शुभ मंगलमय,जब माँ का सुमिरन हो बारम्बार। … Read more