तलाशने होंगे स्वतंत्रता के अर्थ
संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* १५ अगस्त विशेष… जब गुलामी की जंजीरों में जकड़ा अपना था वतन,चहुँओर अत्याचारों के सिलसिले थे उजड़ा-उजड़ा था चमनअपनी ही प्रजा का दमन था छीन चुका था सबका चैन-अमन,हवालदिल थी भारत माता परतंत्र का सिर चढ़कर था दमन। वीर मंगल पांडे की शहादत से क्रांति का चल पड़ा था सिलसिला,सुलग रही … Read more