मानवता की ओर कदम कब ?
डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* आज बहुत दिनों बाद,जब किसी अपने को याद कियाउनसे बात किया,तो वह सारी पुरानी यादेंएकाएक आँखों से सामने,संजीदा हो गईवो एक-दूसरे केसुख-दु:ख में साथ देना,वो बचपन से लेकर जवानी तकएक-दूसरे के घर आना-जाना,कुशल-क्षेम पूछना। महफ़िल की जान बनकर,मौज-मस्ती में दिन बितानाफिर प्रौढ़ावस्था में सुबह-शाम,एकसाथ सैर पर जाते हुएगली-मोहल्ले के लोगों की,खैरियत … Read more