हर-हर शम्भू

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* धर्म सनातन पर्व शुभ, सावन पावस मास।त्रयोदशी पूजन सविधि, उभय पक्ष उपवास॥ प्रदोष व्रत शिव वन्दना, फागुन सावन मास।कृपासिंधु शिव साधना, पूर्ण सफलता खास॥ फलदायी पूजन प्रभो, शिव शंकर वागीश।सोमनाथ बरसे कृपा, गंगाधर शशि शीश॥ प्रदोष व्रत रविवासरी, शिव आराधन भक्ति।सदा निरोगी जिंदगी, शतंजीव युवशक्ति॥ सोमवार प्रिय दिवस शिव, … Read more

इंद्रधनुषी नभ

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* मनोहारिणी,प्रकृति का रूपउमडे़ मेघ,झम-झम बरसेजल ही जल। उफनती है नदी,दौड़ती जैसेपर्वत को चीरती,वेग उन्मुक्तबन जाए निर्झर। मानों धरा पे,आयी आकाश गंगादीप्ति झाँकती।इंद्रधनुषी नभ,पावन दैविक है॥ परिचय- डॉ.आशा गुप्ता का लेखन में उपनाम-श्रेया है। आपकी जन्म तिथि २४ जून तथा जन्म स्थान-अहमदनगर (महाराष्ट्र)है। पितृ स्थान वाशिंदा-वाराणसी(उत्तर प्रदेश) है। वर्तमान में आप जमशेदपुर … Read more

सावन मास सुहावन शिव को

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** सावन मास सुहावन शिव को,रिमझिम-रिमझिम बरसे नीर। जटा बीच में गंग विराजे,अर्धचन्द्र मस्तक पर शोभितनीलकंठ गले सर्प लपेटे,करता सबको रूप विमोहित।सावन मास… बाम भाग नारीश्वर राजे,शिव और शक्ति मेल कराएवृष्टि-सृष्टि सबके प्रभु दाता,देवों में महादेव कहाए।सावन मास… हाथ त्रिशूल वृषभ पर बैठे,तीन लोक की सैर करातेपूजन शंभू सावन मास में,भक्ति-मुक्ति का मार्ग … Read more

तेरी चौखट पर आया…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ तेरी चौखट पर आया,मैं तेरा दिवानामेरी झोली है ख़ाली,भर दो इसे क्या खता हो गई मुझसे!तेरी चौखट पर आया…। यह मेरी पूजा या इबादत कहूं,तू ही मेरे लिए सब-कुछ हैकर्म भी धर्म भी तू ही तो है,तेरी चौखट पर आया…। मैंने मेरा माथा तेरे चरणों में झुका दिया,तू मेरी विनती … Read more

आओ फिर से प्रेम की डोर में

डॉ. रचना पांडेभिलाई(छत्तीसगढ़)*********************************************** रिश्तों से प्रेम कहाँ गया ?वो प्यार भरे लम्हे कहाँ,जो हँसी के फूल खिलते थे…अब वो मुस्कान कहाँ ? हर रिश्ता दिखता है खोखला,प्यार की जगह दिखावा हैअपनों के दिल दूर होते जा रहे,और हम अनजाने हो रहे। समय की भाग-दौड़ में हम,भूल गए अपनों को यादपहले दिल से जीते थे हम,अब … Read more

किराए का घर

हिमांशु हाड़गेबालाघाट (मध्यप्रदेश)**************************************** अंतिम कविता किराए के घर से,किराए का मकान सिर्फ मकान नहीं थाघर था, जहां बसी बहुत सी यादें,यादों के समंदर में खो जाने का मनकमरों से बहुत-सी गुम हुई चीजें मिलने की खुशी। कुछ चीजें खो गईं, कुछ मिल गईं,यादों में बसा, वो शयन कक्ष जहां…दिनभर की थकान को रात्रि के समय,मस्त … Read more

सावन की बहार रिमझिम फुहार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मधुसावन छायी घटा, देख सजी श्रृंगार।भींगी काया प्रियतमा, पावस बूंद फुहार॥ सावन साजन मिलन मन, आयी प्रीत बहार।गूंजे चहुँ चिड़िया चहक, रिमझिम मन्द फुहार॥ सावन बरसा झूमकर, गर्मी से उद्धार।प्रियम विरह जल विरहिणी, साजन से मनुहार॥ कजरी गाती दामिनी, चमक-दमक आकाश।आया साजन लखि प्रिया, पूर्ण मिलन की आश॥ सावन … Read more

रिश्ते कहते हैं किसको, समझ न पाया

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** रिश्ते कहते हैं किसको ?अब तक समझ न पायारिश्तों की रेलम-पेल में,बस स्वार्थ ही स्वार्थ नजर आया। जग ने पाया क्या!बना के रिश्तों की लड़ियाँमिल न सकी कभी आपस में,संबंधों की बेमेल कड़ियाँ। “तू मेरा है मैं तेरा हूँ”,बस इतना कहना ही क्या रिश्ता है ?संग न चल पाता दो पग … Read more

मौन ही रहने दो

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ एक दिन मुझे,मौन ही रहने दोआज न कुछ सुनने को है,औरन कुछ सुनाने को…एक दिन जी लो तुम भी,अपने वास्तेऔरमैं, अपने वास्ते…पर, मौन रहकर भी क्या ?मौन रह पाई…हृदय में उफनती लहरेंक्या ? शांत हो पाई…न खुद को समझ पाईऔरन ही समझा पाई…वही गूँजती रही,रोज-रोज की किच-किचऔरढेर सारे अनुत्तरित, सवालों … Read more

हाहाकार करें दुराचारी

बबीता प्रजापति झाँसी (उत्तरप्रदेश)****************************************** तीर चलाए अर्जुन,विजयश्री लिखते मुरारीऐसा चक्र चलाओ गिरधारी,हाहाकार करें दुराचारी…। धूर्त कपटी व्यूह रचते,सज्जनता को प्रतिपल छलतेविश्वास उठ रहा जन का मोहन से,फिर कर्ण मिल बैठा दुर्योधन सेमेरा कोई नहीं, बस तुम होओ मायापती बिहारी।ऐसा चक्र चलाओ गिरधारी,हाहाकार करें दुराचारी…। भरी सभा में चीर खींचे,सब बैठे बस आँखे मींचेक्या हुआ इस भरी … Read more