एक चिंतन
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* कर्म बड़ा या जाति प्रश्न यह तो चोखा है,कर्म बड़ा होता मानो, नहीं कोई धोखा है। कर्म से जीवन बनता, यह ही सब मानो।कर्म की गति-मति को, सब ही पहचानो। ऊँच-नीच में रखा नहीं कुछ, सब बेमानी,समता को धारण करने की क्यों न है ठानी। आज नया चिंतन, नव जीवन लाना … Read more