सादगी अनुपम श्रृंगार
डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* सर पर मोतियों का मुकुट सोहे,सावन में पिया को मोहेधरती धानी चुनर ओढ़े,नव वधु-सा कर श्रृंगार। माथे पर चाँद की बिंदी,हाथों में रुन-झुन कंगनबारिश की बूँदों की माला पहन,इठलाती चले पायल छनकाती। नयनों में काले मेघा कजरारे,बाँहों में बिजली चमके गरजेकानों में फूलों की बालियाँ लटकेकमर में बेल लताएं करधनी। छम-छम … Read more