जुगाड़ अपनी-अपनी
दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* लगे लगाने में सभी,जुगाड़ अपनी-अपनीजैसी जिसकी जरूरतें,वैसा प्रयास सबका। कोई जुगाड़ में लगा,दो जून की रोटी कीकिसी की जुगाड़,छप्पन भोग जीमने की। कुछ जुगाड़ हो जाता तो,बच्चे को भेज देता स्कूलकोई लगाता जुगाड़,डोनेशन से एडमिशन का। कोई लगा जुगाड़ में,मिल जाए बस कुर्सीकोई इस जुगाड़ में,हो मनोकामना पूर्ति। कोई लगा जुगाड़ में,एक … Read more