बनो फूल से…
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** प्यारा गुलाब,बोले बहुत कुछसबको भाता। साथ में काँटा,बचना है जरूरीज़िंदगी में यूँ। अच्छे में बुरे,ये सिखाए ज़िंदगीजैसे गुलाब। सदा लुभाए,मन को भाए फूलरंग निराले। ‘फूलों का राजा’,कहलाता गुलाबलाल-सफेद। लाल गुलाब,मिले जीवनसाथीप्रेम प्रतीक। है ज़िंदगी भी,देखो रंग अनोखेकईं हिसाब। कभी खजाना,कभी हर सू गमकभी गुलाब। पीला गुलाब,निभा लो बस दोस्तीसीधा हिसाब। बनो … Read more