परिवर्तन नियम

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गर्मी, सर्दी और ये बारिशक्रम से सब परिवर्तन होते,नियम प्रकृति का सत्य यही है,जिस पर सब विधिवत चलते। परिवर्तन है सत्य यहाँ परकुछ तो रोज-रोज होता,इनके बीच झूलता जीवनअनुभव से अनुभव बढ़ता। बीते वर्ष सुहाने क्षण वोहृदय पटल पर एक-एक छाए,तोड़ पुराने बंधन सारेआगे को सब बढ़ते जाएँ। रखना सौम्य भाव सब … Read more

नहीं समझा मेरे त्याग को

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** अब तक तो सबकी खुशियों की खातिर जीती आई थी,सबकी खुशियों की खातिर अपनी खुशी मारती आई थी। किंतु किसी ने कभी नहीं समझा मेरे इस त्याग को,सोच लिया अब स्वयं बनाना होगा अपने भाग्य को। जब मैंने अपनी इच्छा से जीने की कुछ कोशिश की,बर्दाश्त ना हुआ लोगों को, कानों में … Read more

पानी बचाइए

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* नीला अम्बर धरती प्यारी,सबकी जीवन डोर है पानीयह जीवन का आधार है,पानी बचाइए। नदी, तालाब कुएं और झरने,जल से ही तो जीवित हैंसुख न जाए यह जलधारा,पानी बचाइए। पानी की हर बूँद कीमती,व्यर्थ इसे न बहने दोजल है तो कल है इसलिए,पानी बचाइए। पानी को रखें सुरक्षित,अपनाएं जल संरक्षण हम।भावी पीढ़ियों के … Read more

गर्मी आई, चली लू की रेल

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ठंडा-ठंडा, कूल-कूल,सब बातों को जाओ भूल। गर्मी आई, प्यास बढ़ाई,पियो शर्बत, कुल्फी आई। तरबूजा-खरबूजा, खीरा-ककड़ी,धनिया, पुदीना लाते ठंडाई। नींबू पानी, दही और लस्सी,कोकाकोला, माजा, पेप्सी। सबमें आए है बड़ा मजा,जब मिलकर पीते रूह-आफजा। कोई पीता शर्बत बेल और गन्ना,कोई पीता आम का पन्ना। नीता, रीता, सीता, शीला,पिकनिक जाते कश्मीर ठंडीला। बर्फ की … Read more

कहाँ छुपे रहते हो

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* निरख मेरे नैनों को,तुम कहाँ छुपे रहते होकभी आँसू बन कर छलकते,कभी मोती बन कर हँसते हो। नित दिन मेरे नयनों में,पलकों में तुम बसते होमैं मिलती रुबरु तुमसे,सपनों में आकर रहते हो। पलकों को मूंद कर,रक्षक बन कर रहतेये बरौनी मेरे,तुम कहाँ छुपे रहते हो। जब आँखें खुलती है,मदमस्त मदहोशी-सीमादकता … Read more

दुनिया चाहती अमन

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** युद्ध और शांति-जरूरी क्या ?… पूरी दुनिया चाहती अमन, चैन व शांति,लडा़ई, झगड़ा, युद्ध बिखेरता है अशांतिजो खुद को समझते बादशाह, उनमें ही भ्रांति,स्वाभिमान हर किसी का होता जो लाए क्रांति। हम भारत वंशी जहाँ बुद्ध, जैन, गाँधी का पैग़ाम है शांति,न युद्ध न जंग, न कोई दबाव लक्ष्य … Read more

द्रुपदसुता स्वयंवर

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** द्रुपदसुता के स्वयंवर के लिए शर्त रखी थी एक,जल में बिम्ब देख शर से मछली की आँख दे भेदउसी वीर से मैं अपनी पुत्री का विवाह करूँगा,और द्रोण से फिर अपने अपमान का बदला लूँगा। मछली की परछाईं देख कर, किया आँख का भेदन,ब्राह्मण वेश में आया था वो, नाम था उसका … Read more

धर्म-कर्म के पथ चलूं, दो वरदान

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* ‘हनुमान जयंती’ विशेष… राम नाम रटते सदा, हनुमत वीर महान।रक्षा करते भक्त की , विघ्न हरण हनुमान॥ बाल्यकाल में ले लिया, मुख में अपने भान।चारो दिस तम छा गया, घमासान दिनमान ॥ राम सिया हिय में बसे, राम नाम पहचान।बूटी लाय बचा लिए, दसरत सुत के प्राण॥ संकट मोचन ही सदा, कहलाते … Read more

हनुमते नम:

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘हनुमान जयंती’ विशेष…. जय-जय वीर बजरंग बली का नारा है,संकट मोचन हनुमान हम सबका सहारा है। भूत-प्रेत रोग, शोक, दोष सब दूर भगाए,जो भी भक्त उन्हें जब दिल से बुलाए। पवनपुत्र हनुमान संकटमोचन नाम जिनका,श्रीराम-श्रीराम मन ही मन जपते वो इतना। संकट में लड़ने को साहस है तब मिलता,कोई भी भक्त जब … Read more

प्रभु प्रेम

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** न तू सुख की बात कर, न तू दुःख की बात कर,नाम प्रभु का ले के, बस तू दिन से रात कर। किसी की निंदा, कटु वचन से मुक्ति तेरी रुक जाएगी,क्षमा सभी को कर तू अपनी भक्त जात कर। भजन ना हो पाए जो तुझसे भोजन, संग तेरा … Read more