स्व-मन स्व-नियन्त्रण
प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************* मन पर दया और मन का दुलार।महंगा पड़ा है तुझको बारम्बार॥ निकृष्ट सोच इसकी जलन हम सहन करें,इसकी भोग वृत्तियों को कब तक वहन करें।किसी से बता ना पाएं पड़ती दुत्कार,मन पर दया और…॥ जलने दो इसको यूँ ही गलत बात मानो ना,जलने से कुंदन शुद्ध इस सच को … Read more