नाना रंग दिखाती होली
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* जीवन और रंग.. फागुन की मस्ती में झूमे,नाचे मस्तानों की टोली।लाई मस्ती की बहार ये,नाना रंग दिखाती होली॥ रंग अबीर गुलाल उड़ाते,पीकर भंग करे हुडदंग।मस्ती में झूमे मस्ताने,नाचे और बजाए चंग।चेहरे सभी लाल हुए हैं,नयनों से मारे ज्यों गोली।लाई मस्ती की बहार ये,नाना रंग दिखाती होली…॥ टेसू के रक्तिम फूलों से,कुदरत … Read more