हर पल नया-नया हो
विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ नया सबेरा, नयी आशाएँ, नए संकल्प…… नव वर्ष आ गया है, हर पल नया-नया हो,मौसम हो चाहे कोई, अनुकूल हर हवा हो। दीपक की रोशनी को, ऐसा ख़ुमार आये,तुम रात में जलाओ, दिन-सा निखार लाये।ऐसे कि जैसे दीपक दिनमान बन गया हो,मौसम हो चाहे कोई, अनुकूल हर हवा हो…॥ आँधी उठे या तूफा, … Read more