आसमां की उड़ान
डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* आसमां की उड़ानों तक, सपने बुनेंगें।सितारे अब अपनी, कहानी सुनेंगे॥ चाँद ठहरा नहीं, यूँ ही चलता रहा,रोशनी के संग-संग, दमकता रहा।तूफानी ये बादल, कभी फिर घिरेंगें,आसमां की उड़ानों तक…॥ निशां मंजिलों की कभी, मिल जायेगें,प्रियतम मेरे घर को, चले आयेगें।हम मिलकर नये से, सफर में चलेंगे,आसमां की उड़ानों तक…॥ हम … Read more