मन के ‘मैं’ को मारो

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* रावण बैठा है घर-घर में,अपने अंदर राम सॅंवारो।दोष नहीं देखें पर जन में,अपने मन के ‘मैं’ को मारो॥ हर बार जलाते पुतले को,रावण कभी नहीं है मरता।घर-घर में है कथा राम की,अट्टहास दसकंधर करता॥बीत चुके हैं वर्ष सहस्रों,अब तो राघव मन में धारो।दोष नहीं देखें पर जन में,अपने मन के ‘मैं’ … Read more

म्हारो जनम सुधारो जी

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासीसहारनपुर (उप्र)************************************************* प्रभु जी म्हारो जनम सुधारो जी।जनम-जनम की मुझ पापिन को,स्वामी अब तो तारो जी॥ बुद्धि से बस तुम्हें विचारूं,मुख-जिव्हा से तुम्हें उचारूं।स्वामी‌ कुछ तो विचारो जी,प्रभु जी म्हारो जनम…॥ भक्ति ना जानूं भाव ना जानूं,भटके मन तो इसे खोटा मानूं।स्वामी अब तो उबारो जी,प्रभु जी म्हारो जनम…॥ भक्ति राम-सी, … Read more

आ जाओ मैया

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ आदि शक्ति माँ दुर्गा (नवरात्रि विशेष)… छोड़ो अब फूलों की शैय्या।धरा के बीच आ जाओ मैया॥ तेरी इस दुनिया की बिगड़ी है हालत,राज करें दुष्ट सहें भक्तजन जलालत।खेल करवाये है रुपैया,धरा के बीच आ जाओ मैया…॥ देखो तो आकर गरीबों की बस्ती,है ज़िंदगी इनकी माटी से सस्ती।कोई न पीर सुनवैया,धरा के बीच आ … Read more

शिव का नाम न छोड़

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासीसहारनपुर (उप्र)************************************************* कितना बड़ा भव‌ ताप रे मनवा, शिव का नाम जपन न छोड़।उनसे ही सुधरे जनम की बिगड़ी, शिव में नित्य रमन ना छोड़॥ कर्मों का परिणाम भोग, कभी अंग कटें;कभी नेत्र नहीं।बंधन करम से मुक्त करें प्रभु, पापी शिव की लगन ना छोड़॥ कितनी देह अभी तक बदली, मौज … Read more

धरती-अम्बर दोनों…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* धरती-अम्बर दोनों आपस में दूरी रखते हैं।दोनों मिलकर रहते लेकिन दूरी से दिखते हैं।जीवन इनसे पलते हैं,धरती-अम्बर दोनों…॥ किरणें अम्बर से आकर धरती रौशन रखतीं हैं,सब नदियाॅं सागर से मिलतीं शीतल बन रहतीं हैं।प्रभु की रचना कितनी निर्मल, भेद नहीं होते हैं,जीवन इनसे पलते हैं।धरती-अम्बर दोनों…॥ जीवन को धरती-अम्बर मिलके … Read more

साबरमती के संत

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* गाँधी जयंती (२ अक्टूबर) विशेष… साबरमती के संत वतन आज़ाद कराया तुमने।ऐसा किया कमाल तुम्हारा नाम लगे सब जपने॥ सत्य, अहिंसा के शस्त्रों से, रिपु पर धावा बोला,‘वंदे मातरम्’ के शब्दों से सबने था मुँह खोला।बापू तुमने पूर्ण कर दिए आज़ादी के सपने,ऐसा किया कमाल तुम्हारा नाम लगे सब जपने…॥ अंधकार … Read more

युवाओं का वंदन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* अंधकार में युवा शौर्य के,दीप जलाते हैं।देशभक्ति के मधुर तराने, नित वे गाते हैं॥ चंद्रगुप्त की धरती है यह, वीर शिवा की आन है,राणाओं की शौर्य धरा यह, पोरस का सम्मान है।वतनपरस्ती के आभूषण को,युवा सजाते हैं,देेशभक्ति के मधुर तराने,नित वे गाते हैं…॥ शीश कटा, क़ुर्बानी देकर, जिनने वतन सजाया,अपने हाथों … Read more

हरि जो‌ चाहे करवाएं

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासीसहारनपुर (उप्र)************************************************* हरि केवल प्रहलाद को नाहीं, हरि केवल ध्रुवदास को नाहीं।जो भी दृढ़ हो हरि-शरणागति उसके ही हैं नाथ सदाहीं॥ भक्त कोई संकल्प न करता हरि जो‌ भी चाहे करवाएं,न फल इच्छा न हो कामना हर कारज हरि जी निभवाएं।हरि चरनन निष्ठा फल पाहीं, हरि चरनन निष्ठा फल पाहीं,हरि केवल … Read more

संस्कारों की भाषा हिंदी

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* भक्ति, संस्कृति, और समृद्धि का प्रतीक ‘हिंदी’ (हिंदी दिवस विशेष)…. लेखक कवि की लेखनी का हिंदी ही तो गान है।हिंदी हमारी चेतना हिंदी हमारी शान है॥ सरगम के सुर सज रहे, और सज रहे साज हैं,तोतली भाषा में निकली, बालक की आवाज है।मुख कमल की मधुरिम वाणी, का हिंदी वरदान … Read more

तुम्हारी सेवा प्राणों से प्यारी

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासीसहारनपुर (उप्र)************************************************* आयी शरण में शिव जी मैं तो तुम्हारी।अब तो तुम्हारी सेवा प्राणों से प्यारी॥ जीवन का सार तुममें करके समाहित,अर्थी-कलश इच्छाओं का गंगाजल प्रवाहित।आकर मिटा दो स्वामी भव दुविधा सारी,अब तो तुम्हारी सेवा प्राणों से प्यारी…॥ ढांपो मेरे सब अवगुण प्रभु जी अपनाओ,नाम जपूं मन से तुम्हारा अब ना … Read more