जय भारत
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* रचनाशिल्प:विधान-३२ मात्राएँ–१०, ८, ८, ६…. जय भारत वंदन, भू रज चंदन,गौरवशाली, है गाथा।हिंद की है शान, तिरंगा मान,रखता ऊँचा, ये माथा।हिमशैल है भाल, करे प्रतिपाल,रक्षा करते, हैं प्रहरी।सागर है रक्षक, अरि का भक्षक,रक्षा खाई, है गहरी॥ जय भारत माता, जग विख्याता,करती सबकी, रखवाली।जय वीर प्रसविनी, भारत जननी,देती सबको, खुशहाली।बहती है गंगा, … Read more