गर्मी की छुट्टियाँ खुशियाँ अपार
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गर्मी की छुट्टी पड़ी, खुशियाँ बाल अपार।बंद शैक्षणिक संस्था, गर्मी मास प्रहार॥ तपिश ग्रीष्म जलती धरा, बहती तप्त बयार।कठिन हुआ गमनागमन, जला रहा लू धार॥ विद्यालय आना कठिन, हुआ असंभव छात्र।हुई छुट्टियाँ ग्रीष्म की, बचते लू से गात्र॥ देशाटन की चाहतें, चढ़ीं बाल परिवार।खिली मौज़ सन्तान का, भ्रमण देश … Read more