गर्मी की छुट्टियाँ खुशियाँ अपार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गर्मी की छुट्टी पड़ी, खुशियाँ बाल अपार।बंद शैक्षणिक संस्था, गर्मी मास प्रहार॥ तपिश ग्रीष्म जलती धरा, बहती तप्त बयार।कठिन हुआ गमनागमन, जला रहा लू धार॥ विद्यालय आना कठिन, हुआ असंभव छात्र।हुई छुट्टियाँ ग्रीष्म की, बचते लू से गात्र॥ देशाटन की चाहतें, चढ़ीं बाल परिवार।खिली मौज़ सन्तान का, भ्रमण देश … Read more

लिया राष्ट्र प्रतिकार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से, लिया राष्ट्र प्रतिकार।सीथ सजी सिंदूर फिर, आतंकी लहु धार॥ अद्भुत फुर्ती सैन्य बल, फाइटर दिव्य रफ़ाल।नौ ठिकाने दहशती, किया नाश बन काल॥ मिली सुहागन दिल सकूं, देख मौत आतंक।नमन भारती सैनिकों, जबर्दस्त दी डंक॥ परम शौर्य गाथा लिखी, भारत माँ के वीर।सर्वनाश ख़ुद को तुले, नापाकी … Read more

किसान है जान

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** आराम नहीं जानता, है विरुद्ध वह जान।मेहनत करता प्यार से, पाए उसमें शान॥ श्रम करता भरपूर ही, करे नहीं वह आह।मिलता हरदम नूर ही, करे काम की चाह॥ महल बनाये गैर के, रहे झोपड़ी नित्य।बोलो कैसे सुखी रहे, करता है निज कृत्य॥ चिंता उसको पेट की, पूरी कभी न होय।पेट … Read more

धन्य वीर हैं हिन्द के

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम विशेष)… छद्म युद्ध में पाक ने, किया काम नापाक।मिली सजा उसको अभी, हुआ आज वह खाक॥ बार-बार पिटता रहा, फिर भी करे अधर्म।नहीं सुधरता है कभी, करता सदा कुकर्म॥ घुसकर मारा पाक को, हमला किया प्रचंड।धन्य वीर हैं हिन्द के, दिया पाप का दंड॥ सजा … Read more

आर-पार भारत अटल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम हमला विशेष)… युद्ध के बादल गरजे, घबराया नापाक।अगर युद्ध सीमान्त चहुँ, पाक बनेगा खाक॥ समरांगण फिर सज रहा, भारत सैन्य विशाल।चक्रव्यूह चहुँ बिछ रहा, उधड़े पाकी ख़ाल॥ आमंत्रण दे युद्ध को, कुमति खली यह पाक।प्रतिबन्धों से आकुलित, ख़ोज रहा तैराक॥ सत्य शान्ति रथ सार्थ … Read more

करते चोखा न्याय

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* प्रभु चित्रगुप्त जयंती विशेष… कलम-देवता है नमन्, विनती बारम्बार।हर लेना अँधियार सब, देना नित उजियार॥ न्याय देवता तुम भले, पाप-पुण्य का लेख।प्राणी की तुम खेंचते, बिल्कुल सच्ची रेखा॥ ब्रम्हा ने तुमको जना, हो तुम मानस पूत।तुम हो धर्माधर्म के, सबसे सच्चे दूत॥ कायस्थों के पूर्वज, सबसे चतुर सुजान।कलम चलाते सत्य की, … Read more

पुकारता मेरा वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पुकारता मेरा वतन, जागो भारत वीर।पहलगाँव अरिघात का, बदला लो रणधीर॥ मिटा पाक नक्शा धरा, नाश करो आतंक।महाकाल बन घात कर, बने शत्रु फिर रंक॥ दहशतगर्दी पाक का, लिया रूप विकराल।युवाशक्ति सैनिक वतन, नाश करो बन काल॥ रखो लाज भारत वतन, साथ तिरंगा शान।कर्ज चुकाने का समय, आया पुनः … Read more

है मुहूर्त अति शोभनम्

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* ‘अक्षय तृतीया विशेष’ (३० अप्रैल)… अक्षय तृतीया जान लो, दिवस सुपावन एक।है मुहूर्त अति शोभनम्, हर पल होता नेक॥ विष्णु-लक्ष्मी का प्रणय, देता मंगल भाव।यश-वैभव,धन-धान्य से, लगे किनारे नाव॥ तृतीया तिथि बैसाख में, परशुराम-अवतार।जिनने मारा पाप को, युग को दिया सुधार॥ सोना-चाँदी क्रय करो, उगे हर्ष की दूब।दिवस चेतना दे … Read more

तपती धरती है दिवा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* तपिश धूप वैशाख की, कहर ढाहता लोक।सूख रही धरती सरित, गर्मी बनती शोक॥ वन गिरि नद कर्तन धरा, निरत प्रकृति संहार।देख ग्रीष्म शुरुआत में, वर्षाता अंगार॥ तपती धरती है दिवा, बरस रहा घन रात।मौसम करवट बदलती, ताप वृष्टि आघात॥ लोभ ग्रसित मानव चरित, भौतिकता में अंध।काट रहे हैं पेड़ … Read more

धर्म-संरक्षक देव

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* परशुराम जयंती (३० अप्रैल) विशेष… विष्णुदेव के दिव्यतम, थे छठवें अवतार।परशुराम जी को नमन्, रचा धर्म का सार॥ मातु रेणुका लाल थे, जमदग्नि मुनि के ताप।संहारा नित पाप को, हरा सकल अभिशाप॥ भग्न हुआ शिव का धनुष, परशुराम जी क्लांत।पर प्रभु रघुवर का विनय, देव हुए तब शांत॥ मार अधर्मी यह … Read more