नीर रत्न अनमोल
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नीर रत्न अनमोल है, गिरि पयोद नद सिन्धु।तरसे जल नित दीनता, बहे नदी धनबन्धु॥ नदियों की शीतल सलिल, है जीवन वरदान।पूज्य सदा होतीं जगत, सिंचन खेत ज़हान॥ आकूल व्यथित जल बिना, नदी तडाग व कूप।प्राणी जग निष्प्राण अब, भूख प्यास अरु धूप॥ नीर विषैला न बहे, सरिता निर्झर ताल।स्वच्छ … Read more