जलदान एवं रक्तदान
बाबूलाल शर्मासिकंदरा(राजस्थान)****************************************** नीर सभी हित चाहिए, रोगी जन हित रक्त।रक्त नीर द्वय दानहित, बनिए आप सशक्त॥ सृष्टि बचे पानी बचे, जान बचे परमार्थ।रक्त और जलदान का, समझे जन भावार्थ॥ प्यासे को पानी मिले, उत्तम जल का दान।रोगी का जीवन बचे, रक्तदान शुभ मान॥ सृष्टि प्रकृति संसार हित, सदा नीर अनिवार्य।रक्तदान परमार्थ हित, मानव हित स्वीकार्य॥ … Read more