गरजे मेघ प्रचंड
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* बरसी सावन की घटा, गरजे मेघ प्रचण्ड।ईश्वर शिव पूजन जगत, भारत बने अखण्ड॥ सती नाथ झूला झुले, सावन पावस मास।भूत प्रेत नंदी स्वजन, नाचें गाएँ पास॥ हरि ब्रह्मा सब देवगण, ऋषि-मुनि सब गन्धर्व।सती रमण झूलन मगन, आनंदित हैं सर्व॥ त्रिपुरारी जगदम्ब सह, सावन वृष्टि फुहार।भीगे गंगाधर सती, चन्द्रमौलि जलधार॥ … Read more