यशोधरा का त्याग
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* यशोधरा का त्यागकर, गये तपोवन बुद्ध।यहाँ ज़िन्दगीभर हुआ, एकाकीपन से युद्ध॥ यशोधरा का सोच था, उसका क्या था दोष।जो पति ने ठुकरा दिया, नेह-प्यार का कोष॥ बिना बताये वन गये, तप करने सिद्धार्थ।सूनापन देकर गये, लक्ष्य रखा परमार्थ॥ राहुल को देखा नहीं, नहिं पत्नी प्रति प्यार।यही सोचती है यशो, कैसा पति-अभिसार॥ … Read more