श्री शिवाय नमस्तुभ्यम

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** श्री शिवाय रटते रहो,जब तक तन में श्वाँस।शंकर-कंकर नाथ प्रभु,करते पूरी आस॥ शिव की महिमा क्या कहूँ, देते हाथ पसार।आशा अरु विश्वास से, जाओ हर के द्वार॥ देवों के वो देव है, कालों के वो काल।शोभित डमरू हाथ में, है त्रिपुंड निज भाल॥ शिव महिमा गुणगान से, मिटे सकल संताप।श्रद्धा … Read more

गाँव की बेटी रचती है सम्मान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* बेटी भाती गाँव की, जो गुण से भरपूर।जहाँ पहुँच जाती वहाँ, बिखरा देती नूर॥ बेटी प्यारी गाँव की, प्रतिभा का उत्कर्ष।मायूसी को दूरकर, जो लाती है हर्ष॥ बेटी जो है गाँव की, करना जाने कर्म।हुनर संग ले जूझती, सतत् निभाती धर्म॥ गाँवों की बेटी सुघड़, बढ़ती जाती नित्य।चंदा-सी शीतल लगे, दमके … Read more

युवाशक्ति को नमन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* युवाशक्ति को है नमन्, जो रचती इतिहास।हो हिमगिरि-सा दृढ़ युवा, ऊँचा ज्यों आकाश॥ युवा उठे तो हो सृजन, विचले तो विध्वंस।युवा विवेकानंद है, है मानस का हंस॥ तूफ़ानों को जीतकर, ला दे नवल विहान।युवा सदा गतिशील है, है वह मंगलगान॥ भगतसिंह,सुखदेव है, युवा लगे ‘आज़ाद’।हर बाधा से लड़ करे, युवा वतन … Read more

नारी रूप अपार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नवदुर्गा नवशक्ति है, सुता वधू प्रिय अम्ब।लज्जा श्रद्धा पतिव्रता, नारी जग अवलम्ब॥ करुणा ममता हिय दया, क्षमा प्रेम आगार।प्रतिमा नित सम्वेदना, नारी रूप अपार॥ तू जननी जगदम्बिका, उर सिंचित सन्तान।रूपमती गुण कर्म से, बहना प्रीत महान॥ छायांचल वात्सल्य से, हरती सन्तति ताप।हाथ प्रेम सिर फेरती, पावन शीतल आप॥ नारी … Read more

नारी तू नारायणी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नारी: मर्यादा, बलिदान व हौसले की मूरत… नारी तू नारायणी, है दुर्गा का रूप।रमा,उमा,माँ शारदे, में तेरी ही धूप॥ नारी तू नारायणी, ज्ञान,चेतना,मान।जिस गृह रहती तू वहाँ, पलता नित उत्थान॥ नारी जब तू खुश रहे, तब ख़ुश हो परिवार।तुझसे ही बरकत पले, महक उठे संसार॥ नारी तू खुश हो सदा, बांटे … Read more

रंगों से रंजित हृदय

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* होली है भज राम को, रंग हृदय घनश्याम।सत्यं शिव सुन्दर स्वयं, शिव मंगल सुखधाम॥खिले भक्ति हिय अरुणिमा, फागुन रंग बयार।पौरुष परहित पथ किरण, रिमझिम प्रेम फुहार॥ खिले कुसुम नव आश मन, सुरभित हो विश्वास।संयम मेधा रंग से, रंग सुपथ रवि भास॥ आलिंगन फागुन महक, रंगों का त्यौहार।दीन धनी खुशियाँ … Read more

मेरे हमसफ़र

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मेरी खुशियाँ हो तुम्हीं, हो मेरा उल्लास।तुमसे ही जीवन सुखद, लब पर खेले हास॥ जीवन का आनंद तुम, शुभ-मंगल का गान।सच,तुमने रक्खी सदा, मेरी हरदम आन॥ तुमको पाकर हो गया, मैं सचमुच बड़भाग।तुम सुर,लय तुम गीत हो, हो मेरा अनुराग॥ तुम ही जीवन-सार हो, हो मेरा अहसास।और नहीं आता मुझे, किंचित … Read more

कैसे नैया पार हो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कैसे नैया पार हो, कृपा सिन्धु बिन तोर।हे जगदीश्वर शरण दे, ज्ञान ज्योति दे मोर॥ तू सर्जक पालक जगत, महिमा अपरंपार।कैसे नैया पार हो, तू ही तारणहार॥ कैसे नैया पार हो, नश्वर इस संसार।लोभ घृणा मिथ्या कपट, रोग मनुज लाचार॥ अहंकार ऐसा नशा, मतवाले इन्सान।कैसे नैया पार हो, बिना … Read more

नेक सन्तान

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* अच्छे कर्मों से मिले, सदा नेक संतान।मात-पिता के नाम का, वही बढ़ाते मान॥ मात-पिता संतान को, देते हैं संस्कार।वे ही जीवन में सदा, करते सद व्यवहार॥ हर सपूत संतान से, होता घर खुशहाल।हँसी खुशी जीवन चले, मिले ताल से ताल॥ जग में ही संतान से, चले वंश की बेल।चहल पहल घर … Read more

खींचो बड़ी लकीर

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* फागुन का यूँ आगमन, सारे जग को खास।होली आकर बाँटती, दुनिया में उल्लास॥ हिम्मत को अपनी मियाँ, रखना रोज़ जवान।कम होने देना नहीं, हरगिज़ अपनी शान॥ राह दिखाता नित नई, दुनिया को विज्ञान।इसके दम से हो रहे, हर दिन अनुसंधान॥ लज्जित करने के लिए, रहिये नहीं अधीर।होना तुमको गर … Read more