मतलब
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मतलब का संसार है,स्वार्थ भरे सब लोग।बिना स्वार्थ कुछ भी नहीं,यही जगत का रोग॥ कलियुग में करते सभी,मतलब से ही प्रीति।स्वारथ के रिश्ते सभी,यही यहाँ है रीति॥ मतलब को ही देखकर,करते सब व्यवहार।मतलब से ही बोलते,यही जगत का सार॥ करता अब कोई नहीं,बिना स्वार्थ के प्रीत।सभी मतलबी हो गए,होता यही प्रतीत॥ … Read more