धरती माँ करुणामयी
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* हरित हो वसुंधरा…. जीवन भर गाते सभी,वसुधा के तो गीत।हरियाली को रोपकर,बन जाएँ सद् मीत॥ हरियाली से सब सुखद,हो जीवन अभिराम।पेड़ों से साँसें मिलें,विकसित नव आयाम॥ धरती माता पालती,संतति हमको जान।धरती माता के लिए,बेहद है सम्मान॥ अवनि लुटाती नेह नित,करुणा का प्रतिरूप।इसकी पावन गोद में,सूरज जैसी धूप॥ वसुधा का संसार … Read more