बलिदान

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* १५ अगस्त विशेष… पंद्रह अगस्त का दिवस, आजादी का पर्व।आज सभी हैं कर रहे, बलिदानों पर गर्व॥ भारत वसुधा के लिए, त्याग दिए सुख-चैन।आजादी की राह में, लगे रहे दिन रैन॥ देशभक्ति की आन पर, छोड दिए घर द्वार।आजादी के यज्ञ में, आहुति को तैयार॥ ऐसे हर इक वीर का, … Read more

मिटे तिमिर मन से

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सावन मनभावन सरस, विश्वनाथ शिवधाम।मिटे तिमिर मन सत्य से, शिवप्रकाश अविराम॥ अन्तर्मन की हर व्यथा, करें भाव उद्रेक।सत्य कठिन प्रकटीकरण, रखो सोच हिय नेक॥ सत्य कथन अरु श्रवण भी, सहन कठिन संसार।पीड़ हृदय नयनाश्रु से, स्वयं प्रकाशित सार॥ मन ही मन पीड़ा सहन, अन्तर्दहन विशाल।श्रेष्ठ क्लेश बहि उत्सृजन, अन्तर्नाद … Read more

बनो सीप के मोती

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* बनो सीप के मोती, कर्मवीर गुणवान।मददगार आपद समय, इन्सानी भगवान॥ रखो स्वयं पर आस्था, बढ़ो धेय संकल्प।धीरवान बन सीप सम, उद्यम नहीं विकल्प॥ करो प्रतीक्षा समय की, नियति सत्य ध्यातव्य।अविरत पौरुष प्रगति पथ, रचो कीर्ति अस्तित्व॥ एक बूँद हो स्वाति जल, मोती बनते सीप।कठिनाई बाधा सहे, बनता देश महीप॥ … Read more

करो विदाई झूठ की

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* करो विदाई झूठ की, तो महके संसार।करना केवल सत्य से, बंदे तू नित प्यार॥ करो विदाई द्वेष की, वरना हो अवसान।जिनका पावन मन रहे, वे पाते उत्थान॥ करो विदाई क्रोध की, बनें बिगड़ते काम।जीवन होगा मांगलिक, विहँसें नव आयाम॥ करो विदाई जो बुरा, मद्यपान दो छोड़।दुर्व्यसनों की राह को, बंदे तू … Read more

जीवों से रखें अनुराग

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नागपंचमी पर्व का, सुंदर बहुत विधान।संस्कारों की देह में, नैतिकता के प्रान॥ नाग पूजकर पुण्य ले, खुश होते हैं ईश।मिले प्रकृति का साथ नित, मिलता है आशीष॥ नाग जीव सादा-सरल, जीने का अधिकार।जब तक छेड़ो मत उसे, देता नहिं फुंफकार॥ दूध पिला पूजन करो, वंदित हो अब नाग।सब जीवों से हम … Read more

मिलते नहीं श्रवण कुमार

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* आज पूत मिलते नहीं, जैसे श्रवण कुमार।संस्कारों से पूर्ण जो, देवों के अवतार॥ मात-पिता की वंदना, सेवा का अति रूप।सूरज जैसी दिव्यता, लिए प्रखरता धूप॥ काँवर में बैठा लिया, मात-पिता को लाल।देख श्रवण का रूप यह, हर युग हुआ निहाल॥ मात-पिता का भक्त था, पूतों का था पूत।जनक और जननी लिए, … Read more

सावन सुमिरन प्रिय मिलन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आयी सावन की घटा, यौवन चढ़ी उमंग।खनके कंगन हाथ में, मिलन प्रीत नवरंग॥ रुनझुन पायल पदयुगल, पथ गूंजित चहुँओर।मतवाली मधुयामिनी, प्रिय आगम नँच मोर॥ बिंदी शोभित भाल पर, सीथ लगी सिन्दूर।उरुतल उन्नत गिरि शिखर, गजब प्रीत दस्तूर॥ पलकों में काजल लसित, बड़े नशीली नैन।सजन विरह नयनाश्रु जल, हरती निशिदिन … Read more

नोंक-झोंक

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नोंक-झोंक अविरत कलह, खींचतान परिवार।सात जन्म सतफेर भी, पति-पत्नी तकरार॥ अधिकारी वर्चस्व का, तू-तू मैं-मैं रोज।जीवन संगी परस्पर, नित्य कलह की खोज॥ नैहर चर्चा कलह की, वजह कलह शुरूआत।पत्नी दावानल बनी, खोती खुद जज़्बात॥ असहनीय निंदा तनिक, मातु-पिता परिवार।दुर्गा फिर काली बनी, रौद्र रूप अवतार॥ खाना-पीना बन्द सब, बही … Read more

हर-हर शम्भू

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* धर्म सनातन पर्व शुभ, सावन पावस मास।त्रयोदशी पूजन सविधि, उभय पक्ष उपवास॥ प्रदोष व्रत शिव वन्दना, फागुन सावन मास।कृपासिंधु शिव साधना, पूर्ण सफलता खास॥ फलदायी पूजन प्रभो, शिव शंकर वागीश।सोमनाथ बरसे कृपा, गंगाधर शशि शीश॥ प्रदोष व्रत रविवासरी, शिव आराधन भक्ति।सदा निरोगी जिंदगी, शतंजीव युवशक्ति॥ सोमवार प्रिय दिवस शिव, … Read more

सावन की बहार रिमझिम फुहार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मधुसावन छायी घटा, देख सजी श्रृंगार।भींगी काया प्रियतमा, पावस बूंद फुहार॥ सावन साजन मिलन मन, आयी प्रीत बहार।गूंजे चहुँ चिड़िया चहक, रिमझिम मन्द फुहार॥ सावन बरसा झूमकर, गर्मी से उद्धार।प्रियम विरह जल विरहिणी, साजन से मनुहार॥ कजरी गाती दामिनी, चमक-दमक आकाश।आया साजन लखि प्रिया, पूर्ण मिलन की आश॥ सावन … Read more