हर-हर शम्भू

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* धर्म सनातन पर्व शुभ, सावन पावस मास।त्रयोदशी पूजन सविधि, उभय पक्ष उपवास॥ प्रदोष व्रत शिव वन्दना, फागुन सावन मास।कृपासिंधु शिव साधना, पूर्ण सफलता खास॥ फलदायी पूजन प्रभो, शिव शंकर वागीश।सोमनाथ बरसे कृपा, गंगाधर शशि शीश॥ प्रदोष व्रत रविवासरी, शिव आराधन भक्ति।सदा निरोगी जिंदगी, शतंजीव युवशक्ति॥ सोमवार प्रिय दिवस शिव, … Read more

सावन की बहार रिमझिम फुहार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मधुसावन छायी घटा, देख सजी श्रृंगार।भींगी काया प्रियतमा, पावस बूंद फुहार॥ सावन साजन मिलन मन, आयी प्रीत बहार।गूंजे चहुँ चिड़िया चहक, रिमझिम मन्द फुहार॥ सावन बरसा झूमकर, गर्मी से उद्धार।प्रियम विरह जल विरहिणी, साजन से मनुहार॥ कजरी गाती दामिनी, चमक-दमक आकाश।आया साजन लखि प्रिया, पूर्ण मिलन की आश॥ सावन … Read more

गुरु गुरुता आलोक से

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गुरु गुरुता आलोक से, आलोकित संसार।सदाचार पौरुष सबल, गुरु संगति उपहार॥ सजा मंच है ज़िंदगी, मानव अभिनय पात्र।सुख-दु:ख गम खुशियाँ जख़म, सहते हैं बस गात्र॥ महिमामंडन गुरुचरण, कठिन समझ संसार।प्रेम भक्ति मन समर्पित, गुरुवर ज्ञान उदार॥ गुरुवर पूर्णिम सावनी, शत-शत बार प्रणाम।देवों से भी श्रेष्ठतर, गुरु अखंड अभिराम॥ गुरु … Read more

गुरु सत्यम् शिव सुन्दरम्

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पावन मनभावन दिवस, पूजन गुरुवर आज।गुरु पूर्णिमा श्रावणी, ज्ञानलोक समाज॥ गुरु गरिमा लसिता धरा, पवनानल जल व्योम।पूज्यनीय अविरत प्रकृति, कुसुमाकर निशि सोम॥ मातु पिता गुरुता जगत, पृथिवी गगन समान।माँ ममता स्नेहिल सरित, पिता हिमालय मान॥ माँ जननी सम्पोषिका, करुणा क्षमा उदार।रक्षक पालक गुरु पिता, महिमा अपरंपार॥ सादर गुरुजन पद … Read more

स्वार्थ-कपट से मिटा प्रेम

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला (मध्यप्रदेश)******************************************* कहाँ गया रिश्तों में प्रेम…?… बतला दे कोई मुझको अब, कहाँ गया रिश्तों में प्रेम।स्वार्थ, कपट से लोग भरे हैं, मिटा इसी से अब तो प्रेम॥ नहीं भावना शेष रही अब, क्षुद्र हो गए सबके मन।त्याग, नेह ने मातम पाया, नातों में दिखती अनबन॥आस्तीनों में साँप रह रहे, दिल से … Read more

आसमान बरसी घटा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* प्रकृति कहर ढाती धरा, आषाढ़ी अतिवृष्टि।बना जलधि आधा जगत, महाप्रलय घनदृष्टि॥ आधा भारत जल भरा, आयी भीषण बाढ़।आसमान बरसी घटा, अभी मास आषाढ़॥ फैली दहशत बारिशें, नदियों बाढ़ उफान।घर जन दौलत सब बहे, गई हजारों जान॥ कम्पन वर्षण भूक्षरण, लगे प्रकृति आरोप।गिरि वन तरु कर्तन दुखी, कुदरत दिखे प्रकोप॥ … Read more

रखिए स्नेह को सुधामय

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* कहाँ गया रिश्तों में प्रेम…?… बड़े प्रेम से रिश्ते थे, गहन भाव मन साथ।मात पिता आशीष का, त्याग क्षमा सब हाथ॥ भरा हुआ घर स्वर्ग-सा, सदा रहे जगदीश।पले बढ़े बाल-बालिका, मिले उन्हें आशीष॥ आस-पास के पड़ोसी, बुआ, बहन थे सभी।कभी चाची जी मासी, भाई-बंधु सब तभी॥ बड़ी अमीरी स्नेह की, … Read more

बड़ी अदालत ईश की

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* बड़ी अदालत ईश की, मिले जहाँ पर न्याय।चूक नहीं होती वहाँ, लगे न कोई हाय॥ न्याय माँगने के लिए, वादी करता वाद।मन में इक आशा लिए, करता वह फरियाद॥ प्रतिवादी भटके फिरे, लगा न्याय की आस।लड़ता है वह अंत तक, रख मन में विश्वास॥ अधिवक्ता कानून का, रखते सदा विवेक।पक्ष … Read more

पिता मेरा संसार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पिता थे मेरे सद्गुरु, जीवन का आधार।खटक रही अविरत कमी, पिता आप संसार॥ देता जीवन की किरण, पिता रुप भगवान।ज्ञान पुंज जीवन तनय, पिता पुस्तक समान॥ अविरत चलता कर्मपथ, पालनार्थ सन्तान।संवाहक परिवार का, सहता बहु अपमान॥ सहे मौन संघर्ष को, बाधा विघ्न अनेक।करता जीवन समर्पण, सन्तति पद अभिषेक॥ धीर-वीर … Read more

वजह बहुत थी खास

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* हुआ महाभारत तभी, वजह बहुत थी खास।द्रुपदसुता ने था किया, दुर्योधन का हास॥ कभी न करना और का, तुम किंचित उपहास।वजह बनेगी हो कलह, टूटेगा विश्वास॥ दुर्योधन का अति कपट, झगड़ा लाया ख़ूब।वजह यही थी युद्ध की, सूखी नेहिल दूब॥ पाप वजह बनता सदा, रच देता संताप।अन्यायी आवेग को, कौन सकेगा … Read more