गौरवपूर्ण पहचान के रूप में अपनाएं हिन्दी को
पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ भारत ऐसा देश है, जहाँ हर कुछ किलोमीटर के बाद भाषा और बोली बदल जाती है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भाषाई विविधता का प्रमाण है। बहुत पुरानी कहावत है- “कोस कोस पर पानी बदले, पाँच कोस पर बानी।”हिंदी हमारे स्वाभिमान और गर्व की भाषा है। यह पूरे विश्व में बोली … Read more