हरियाली के मनोरम साए
संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* कहा जाता है, “शहर की दवा और गाँव की हवा दोनों बराबर होती है”, विगत दिनों इस बात का मुझे प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। उत्तर महाराष्ट्र के खेतों में इन दिनों बाजरा और मक्का की फसल लहलहा रही है। बड़ी जोरदार फसलें हैं। हरियाली से खिले खेतों के विस्तीर्ण पट, जंगलों में … Read more