हे मेरे देश! किन शब्दों से गुणगान करूँ…

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. विदेशी भूमि पर जन्म लेने वाले भारत-भूमि के विषय में एक न एक बार या कभी न कभी अवश्य सोचते ही होंगे-‘अगर यहाँ जन्म लिया होता तो मैं ऐसा होता।’अक्सर अपने देश के बारे में जानने की जिज्ञासा अति उत्कंठा उत्पन्न करती है। यह उत्कंठा … Read more

हर आदमी को न्याय कैसे मिले ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश एन.वी. रमन ने भारत की न्याय-व्यवस्था के बारे में दो-टूक बात कह दी है। उन्होंने कहा कि भारत के पुलिस थानों में गिरफ्तार लोगों के साथ जैसी बदसलूकी की जाती है,वह न्याय नहीं,अन्याय है। वह न्याय का अपमान है। गरीब और अशिक्षित लोगों की कोई मदद नहीं करता। … Read more

श्मशान में भी दरिंदगी… कैसे कहाँ सुरक्षित

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* यह बात बिलकुल सही है कि सरकारें प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षा व्यवस्था नहीं कर सकती। कारण इतना विशाल देश,जहाँ आबादी का विस्फोट हो,वहाँ क्या कर सकती है। कोरोना संक्रमण काल में सरकार बेबस लाचार रही। कारण बुनियादी व्यवस्था का इन्तज़ाम,क्योंकि रोग का संक्रमण अचानक आ गया,जबकि दुनिया के बहुत पहले सचेत कर … Read more

आरक्षण:विशेष अवसर अवश्य मिले,लेकिन विशेष का उचित होना भी अत्यंत जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सरकार ने चिकित्सा की पढ़ाई में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए २७ प्रतिशत और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए १० प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है। यह आरक्षण एमबीबीएस,एमडी,एमएस, डिप्लोमा,बीडीएस और एमडीएस आदि सभी कक्षाओं में मिलेगा। आरक्षण का यह प्रावधान सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों पर लागू होगा। इस आरक्षण के … Read more

खेल भावना के आगे सब कुछ गौंण

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** २३ वर्षीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलिम्पिक में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का एथलेटिक्स में ओलिम्पिक पदक जीतने का पिछले १०० साल से भी अधिक का इंतजार समाप्त कर दिया। इस जीत से नीरज चोपड़ा ने न केवल इतिहास रचा,बल्कि हमारे राष्ट्र को भी गौरवान्वित किया … Read more

निरंकुश आन्दोलन से पंजाब में औद्योगिक पलायन

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)********************************** इन दिनों राजनीतिक हिंसा से पीड़ित २ राज्यों में विपरीत प्रकृति के समाचार सुनने को मिले। एक राज्य में कुल्हाड़ी पर पाँव मारा जा रहा है तो दूसरे में इसी तरह के प्रयासों से जख्मी हुए पैरों पर मरहम-पट्टी के प्रयास हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल के सिंगुर में भूमि अधिग्रहण विरोधी आन्दोलन … Read more

सराहनीय है पहल,पर कैसे होगी सफल ?

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** मुद्दा:हिंदी के साथ अन्य भारतीय भाषाओं में अभियांत्रिकी की पढ़ाई………. जर्मनी,रूस,फ्रांस,जापान और चीन सहित दुनिया के दर्जनों देशों में पूरी शिक्षा ही स्थानीय भाषाओं में दी जाती है। हाल ही में देश में आई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी स्थानीय भारतीय भाषाओं में पढ़ाई पर जोर दिया है। अखिल भारतीय … Read more

विश्व शांति के प्रबल पक्षधर रहे गुरुदेव

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** इस महान देशभक्त का निधन ७ अगस्त १८४१ को हो गया। वे विश्व शांति तथा विश्व एकता के प्रबल पक्षधर थे। गुरुदेव महान दार्शनिक,रहस्यवादी तथा मानवतावादी थे। जीवन के अंतिम समय में उन्होंने लिखा था,-भाग्य चक्र के परिवर्तन से १ दिन अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना ही होगा,किंतु वह किस भारत को … Read more

बाढ़,सामाजिक संचार और उम्मीदों का ‘एयरलिफ्ट’ होना…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** इसे कहते हैं कुदरत की मार। आज से करीब १५ दिन पहले तक तमाम मप्र वासी इंद्र देवता को रिझाने के लिए पूजा-पाठ और टोने-टोटके में लग गए थे कि अचानक मौसम ने करवट बदली। राजनीतिक सरगर्मी और टोक्यो ओलिम्पिक में खुशियों के उतार-चढ़ाव के बीच आसमान में कुछ पानी भरे तंत्र … Read more

पूर्वोत्तर राज्यों में गृह युद्ध की आशंका!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)************************************** भाई जैसा दोस्त नहीं और भाई जैसा दुश्मन नहीं,इसके जीते-जागते उदाहरण रामायण काल,महाभारत काल से लेकर यह नियति निश्चित है। हमारे देश में विभाजन के बाद जो स्थिति बनी है,वह भी आज दुश्मनों से कम नहीं। आज ७३ साल हो गए,पर दुश्मनी की दरार नहीं पट पाई। यह टूटन आजादी के पूर्व से … Read more