भारत की बुलंदी और सशक्त लोकतंत्र विश्व के लिए एक सबक

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ हमने आजादी के ७८ गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। १५ अगस्त हमारे लिए सिर्फ एक तारीख नहीं है, वरन् हमारे पूर्वजों के बलिदान, संघर्ष और अडिग संकल्प का अमिट प्रतीक है। २०४७ तक विकसित भारत के लक्ष्य को सामने रखते हुए हम सब नए इरादे और नई उम्मीदों के साथ आगे … Read more

चिंता छोड़ सार्थक चिंतन करें

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** यह तो हमें ही तय करना है, कि हम केवल चिंतन की चिंता करते रहें या उस पर कुछ अमल भी करें ? जो करना है, उसकी केवल चिंता करने से तो काम नहीं होगा। काम तो अमल करने से ही होगा। लोग ऐसे हैं, कि समस्या पर सिर्फ चिंता ही करते … Read more

रामघाट से अद्भुत जीवन दर्शन

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* गोदावरी के रामघाट पर मैं अक्सर जाता रहता हूँ, कितना विविधता भरा और अनोखा स्थल है यह। हमेशा से ही मुझे वहाँ गंगा-जमुनी तहजीब का साक्षात्कार होता आया है, साथ ही गजब का सांस्कृतिक समागम भी। गोदावरी का यह वही घाट है, जहाँ भगवान राम ने वनवास के दौरान पिता दशरथ … Read more

सी.पी. राधाकृष्णन:उम्मीदवारी से कई निशाने लगाए भाजपा ने

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राजग ने चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करके एक तीर से अनेक निशाने साधे हैं। भाजपा ने बहुत सोच-समझकर उन्हें इस प्रतिष्ठित पद का उम्मीदवार बनाया है। वे तमिल हैं, पिछडे़ हैं, संघ से जुड़े हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुराने … Read more

अपनी ही बिसात पर मात खा रहा विपक्ष

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह केवल संख्याओं और मतों का खेल नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवंत प्रक्रिया है जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सत्ता पक्ष जहां शासन संचालन और नीतियों को लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है, … Read more

जीवन में राष्ट्रहित सर्वाेपरि रहा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** श्रीकृष्ण जन्मोत्सव विशेष… भगवान श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे अद्वितीय महापुरुष हैं, जिनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक ऊँचाई, लोकनायकत्व, व्यावहारिक बुद्धिमत्ता और कुशल प्रबंधन का अद्भुत संगम दिखाई देता है। वे केवल एक धार्मिक देवता नहीं, बल्कि सृष्टि के महाप्रबंधक, समय के श्रेष्ठ रणनीतिकार और जीवन के महान शिक्षक-संचालक भी हैं। उनका सम्पूर्ण … Read more

हमारी वास्तविक स्वतंत्रता का उद्देश्य नवोन्मेषी भारत की प्रतिज्ञा

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** १५ अगस्त हमारी स्वतंत्रता का महोत्सव है। यह दिन अमर बलिदानों की स्मृति, प्रत्येक भारतीय घर में तिरंगा फहराने, देशप्रेम और आत्मगौरव से भर जाने का वार्षिक अनुष्ठान है। यह वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारत को नवोन्मेषी उपायों से प्रगति के पथ पर अग्रसर करने हेतु गहन आत्मचिंतन का अवसर … Read more

मन को प्रसन्नता देता है वृन्दावन का भक्ति भाव

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ कृष्ण जन्मोत्सव विशेष… ‘ऊधो मोहि बृज बिसरत नाहिं’… यदि आपको भी बृजभूमि का ऐसा ही एहसास करना है, जो आपकी स्मृति पटल पर आजीवन जीवंत रहे और दिलो-दिमाग पर कभी भी फीका न पड़े, तो एक बार कृष्ण जन्माष्टमी यानी बृजभूमि पर अवश्य जाएँ। यूँ तो मथुरा वृंदावन या पूरी बृजभूमि में … Read more

‘आज़ादी’ बड़ी अनमोल

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** १५ अगस्त विशेष… ‘आज़ादी’,बड़ी अनमोलजश्न जरूर मनाएँ,स्मरणीय बलिदानराष्ट्र। ‘स्वतंत्रता’,राष्ट्र पहलेधर्म पथ चलें,वन्दे मातरमसमरसता। ‘आज़ादी’,नया अरुणोदयसंभालें हर भारतीय,त्याग-तपस्यासूरज। ‘स्वाधीनता’,मिली भारतदेश तरक्की करे,अमृत कलशमानवता। ‘आज़ादी’,थे पराधीनसहे अनगिनत अत्याचार,थी एकताअपार। ‘स्वतंत्रता’,सबका भविष्यअनाचार-भ्रष्टाचार रोको,सबका मानप्रकीर्ण। ‘आज़ादी’,चाहिए ऐसीतन-मन मजबूत,साहस-वीरताभारत। ‘स्वतंत्रता’,सबका विकासमिटे अंधा कानून,मिले सम्मानप्रीत। ‘आज़ादी’,मन-देशवीर-सपूत बलिदान,हो अनुशासनकर्मपथ। ‘स्वतंत्रता’,हो स्नेहभाई-भाई साथ,धोखा भूलेंजीवन। ‘आज़ादी’,द्वेष मिटाएँसब सुखी जीवन,खुशी मनाएँसम्बंध। … Read more

सच्चे मित्र से ज़िन्दगी खुशहाल

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** मित्रता-ज़िंदगी… हमारे जीवन में बहुत से रिश्ते बनते हैं और उसको हम सभी निभाते भी हैं, पर सभी रिश्तों में सबसे अनमोल जो रिश्ता होता है वह है एक माँ। जी हाँ, माँ बच्चा जब जन्म लेता है, उसके कुछ साल बाद उस बच्चे की पहली मित्र होती है उसकी माँ, … Read more