भारतीय लोकतंत्र करे पुकार-‘मिले अपनी भाषा में न्याय का अधिकार’
पूनम चतुर्वेदीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)********************************************** भारतीय संविधान का प्रस्तावना वाक्य-“हम भारत के लोग…” – न केवल इस देश की संप्रभुता और लोकतंत्र का परिचायक है, बल्कि यह उस जनभावना की पुष्टि करता है, जो भारत को उसकी विविध भाषाओं और संस्कृतियों के माध्यम से जीवंत बनाती है। इस विशाल बहुभाषिक राष्ट्र में जहाँ सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ … Read more