नए विश्व के प्रणेता थे आचार्य महाप्रज्ञ

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** जन्म दिवस (२३ जून) विशेष… प्राचीन समय से लेकर आधुनिक समय तक अनेक साधकों, आचार्यों, मनीषियों, दार्शनिकों, ऋषियों ने अपने मूल्यवान अवदानों से भारत की आध्यात्मिक परम्परा को समृद्ध किया है, उनमें प्रमुख नाम रहा है-आचार्य महाप्रज्ञ। अपने समय के संत एवं मनीषी के रूप में जिनका नाम अत्यंत आदर एवं गौरव … Read more

बच्चों को योग का महत्व समझाएँ

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** स्वस्थ मन में ही स्वस्थ तन का विकास होता है। हमने अपने मन में न जाने नकारात्मकता का कितना कचरा भरा हुआ है। यदि स्वस्थ रहना चाहते हो तो इसे दूर करना बेहद जरूरी है और इसका उपाय है योग। योग हमारे देश की सबसे प्राचीन पद्धति है जिसमें कई बीमारियों का … Read more

सुपारी खाएं, दें नहीं

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** जब भी हम कोई जमीन या जायदाद खरीदते हैं तो उसकी रजिस्ट्री से पहले अखबार में विज्ञापन देते हैं कि हम फलां-फलां जमीन खरीद रहे हैं। यदि किसी को इस सम्बन्ध में आपत्ति हो तो दावा प्रस्तुत करें। किसी की किसी की आपत्ति न आने पर हम इसकी रजिस्ट्री … Read more

चलो बारिश का आंनद लें

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ इस रिमझिम बारिश की हल्की फुहारों, हँसी-मज़ाक व खुशियों के माहौल में धीरे-धीरे आज फिर बादल छाए हुए हैं, और हवा के साथ घनघोर आँधी-तूफान का यह साथ देखकर लगता है कि शुभ बरसात का आगमन हो गया है। इस बीच रंगत शहर-दर-शहर देखते ही बनती है।बारिश का मौसम है … Read more

पति-पत्नी के रिश्ते में मजबूती का प्रयास आवश्यक

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “शादी सात जन्मों का बंधन है…”, “जोड़ियाँ ऊपर से बन कर आती हैं…” वर्तमान समय में ये कहावतें अर्थहीन होती जा रही हैं, क्योंकि दिन-प्रतिदिन तलाक की खबरें हमारे आस-पास सुनाई पड़ती रहती है। रिश्तों में कड़वाहट या दूरियाँ आते ही आपस में गलतफहमियाँ जड़ जमाने लगती हैं और आपसी संवाद कम … Read more

फिर गूंजी ‘जनभाषा में न्याय’ की आवाज

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** एक सामान्य भारतवासी जो कानून की पेचीदगियाँ और राजनीति नहीं जानता, उसके मन में भी एक प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है कि जब हम १५ अगस्त १९४७ को स्वाधीन हो गए, तब भी मुझे अपने देश में अपनी भाषा में न्याय क्यों नहीं मिलता ? मुझसे कानूनी कागजात पर हस्ताक्षर … Read more

बॉस इस आलवेज राइट!

डॉ.शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** आजकल ऑफिस में काम करने के लिए केवल डिग्री, कम्प्यूटर और फॉर्मल कपड़े काफी नहीं हैं। जो सबसे ज़रूरी चीज है, वह है-बॉस की चापलूसी। और यह साधारण चापलूसी नहीं, यह है बॉस-स्तुति, प्रशंसा-पुराण, और गुणगान-महाकाव्य। यह वह ब्रह्मास्त्र है, जो सालाना मूल्यांकन रेटिंग, अधिक से अधिक बोनस, जब चाहो तब छुट्टी, … Read more

ईरान-इजरायल युद्ध:भारत के हितों पर चोट

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** इजरायल ने ईरान के ‘परमाणु कार्यक्रम ठिकानों’ पर अचानक हमला करके न सिर्फ दुनिया को चौंका दिया है, बल्कि पश्चिमी एशिया के पूरे क्षेत्र को अनिश्चितता, भय, अशांति एवं संकट के भंवर में डाल दिया है। ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल को करारा जवाब दे रहा है। जहां इस्राइल इन हमलों … Read more

नारी स्वतन्त्रता:मर्यादा बहुत जरूरी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** नारी की स्वतंत्रता किस सीमा तक स्वीकार्य…? इस पर कुछ कहने से पहले नारी की स्वतंत्रता के बारे में कुछ कहना चाहूँगी। गृहस्थी रूपी गाड़ी को खींचने के लिए स्त्री और पुरुष दोनों ही उसके २ पहिए हैं। यदि दोनों में असमानता होगी तो गाड़ी ठीक तरह से नहीं चलेगी, इसी लिए … Read more

उपजाऊ भूमि को मरुस्थल होने से बचाना होगा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा निवारण दिवस (१७ जून) विशेष… मानव एवं जीव-जंतुओं का जीवन भूमि पर निर्भर है, फिर भी पूरी दुनिया में प्रदूषण, भूमि का दोहन, जलवायु अराजकता और जैव विविधता विनाश का एक जहरीला मिश्रण स्वस्थ भूमि को रेगिस्तान में और सम्पन्न पारिस्थितिकी तंत्र मृत क्षेत्रों में बदल रहा है। … Read more