बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण दुनिया की जटिल पर्यावरण समस्या

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** बढ़ते तापमान, बदलते जलवायु एवं वैश्विक ताप की वजह से हिम खंड तेजी से पिघल कर समुद्र का जलस्तर तीव्रगति से बढ़ा रहे हैं, जिससे समुद्र किनारे बसे अनेक नगरों-महानगरों के डूबने का खतरा मंडराने लगा है। इंसानों को प्रकृति, पृथ्वी एवं पर्यावरण के प्रति सचेत करने के लिए ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ … Read more

मातृभाषा में शिक्षा के बड़े लाभ

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ नई शिक्षा नीति… स्थानीय से वैश्विक की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए नौनिहालों को आँगनवाड़ी से मातृभाषा में शिक्षित और दीक्षित करने की पहल नई शिक्षा नीति में की गई है. इसे लेकर अभी लोगों के मन में अनेक तरह की दुष्चिंताओं के साथ-साथ लोगों का यह भी विचार है, कि … Read more

पीड़ित बच्चों के दर्द को समझें

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘आक्रामकता के शिकार मासूम बच्चों का अन्तर्राष्ट्रीय दिवस’ (४जून) विशेष… बच्चों को देश एवं दुनिया के भविष्य की तरह देखा जाता है, लेकिन उनका यह बचपन रूपी भविष्य लगातार हो रहे युद्धों की विभीषिका, त्रासदी एवं खौफनाक स्थितियों के कारण गहन अंधेरों एवं परेशानियों से घिरा है। आज का बचपन हिंसा, शोषण, … Read more

अभियान बनाना होगा हिन्दी पत्रकारिता को

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारत में हिन्दी पत्रकारिता की न केवल आजादी के संघर्ष में बल्कि उससे पूर्व के गुलामी की बेड़ियों में जकड़े राष्ट्र की संकटपूर्ण स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, नये बनते भारत में यह भूमिका अधिक महसूस की जा रही है, क्योंकि तब से आज तक समाज की आवाज़ उठाने, सत्ता से … Read more

आर्थिक सूरज बनने के गौरवपूर्ण पल

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने रविवार की सुबह नए उगते सूरज के साथ भारत के नए आर्थिक सूरज बनने की सुखद एवं आह्लादकारी खबर दी है। भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब अगले ढाई से ३ वर्ष में … Read more

श्वानों की बस्ती में योगाभ्यास…

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* आजकल मौसम का कोई ठिकाना नहीं रहा है। कब, कौन-सा मौसम शुरू हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। अब यहीं देख लो न, मई के बीचों-बीच भारी वर्षा हो रही है। एक ही दिन में तीनों मौसम और छह ऋतुओं के दर्शन हो रहे हैं, और क्या लोगे भाई साहब…। … Read more

बच्चों के मोबाइल की निगरानी आवश्यक

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ आज मोबाइल फोन हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। इसके बिना कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी की कल्पना भी नहीं करना चाहता। निश्चित रूप से मोबाइल से समाज में सुविधाओं की क्रांति आ गई है, परंतु इसकी वजह से होने वाले नुकसान भी बढ़ते जा रहे हैं। आज ऑफिस में … Read more

जनता क्यों ढोए भ्रष्टाचार का भार

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** विभिन्न राजनीतिक दलों, विभिन्न प्रांतों की सरकारों, विभिन्न गरीब कल्याण की योजनाओं, न्यायिक क्षेत्र एवं उच्च जांच एजेंसियों में भ्रष्टाचार की बढ़ती स्थितियाँ गंभीर चिन्ता का विषय है। ऐसा लगता है कि आज हम जीवन नहीं, राजनीतिक, न्यायिक एवं प्रशासनिक मजबूरियाँ जी रहे हैं। ऐसा भी लगता है न्याय, राजनीति एवं प्रशासन … Read more

बढ़ती उम्र को हावी मत होने दें

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ आजकल अनेक महिलाएं अपने घर की दहलीज पार कर नौकरी या व्यवसाय में व्यस्त हैं, परंतु अभी भी बहुत-सी महिलाओ की बड़ी आबादी ऐसी है, जो गृहिणी कहलाती हैं। यह सुबह से रात तक घरेलू कामों में लगी रहती हैं। झाड़ू पोछा, बर्तन-खाना आदि कामों में व्यस्त रहने के कारण उन्हें अपने … Read more

‘तमस’ से ‘ज्योति’ की ओर एक सुधारवादी यात्रा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** राजा राममोहन राय जन्म जयन्ती (२२ मई) विशेष… यह वह समय था, जब हिन्दुस्तान एक तरफ विदेशी दासता की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। दूसरी तरफ रूढ़िवाद, धार्मिक संकीर्णता, सामाजिक कुरीतियों और दमघोंटू प्रथाओं के बोझ तले दबा हुआ था। तभी एक मसीहा, समाज-सुधारक एवं क्रांतिकारी महामानव अवतरित हुआ, जिसने तमाम बुराइयों … Read more