अब झूठों का बोलबाला…
हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ उल्टी दिशा में बह रही नदियाँ, बिगड़ता प्रकृति का संतुलन, अब हंस नहीं; कौआ मोती खा रहा है।ये जमाना नया जरूर है, पर बहुत ही नकारात्मकता को लेकर गलत कामों की हौसला अफजाई कर रहा है। आज सच बोलने वाला परेशान है और झूठ बोलने वाला पाक-साफ है। एक चेहरे … Read more