सहयोग की भावना विकसित करें

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आज हम इक्कीसवीं शताब्दी के रजत काल में जी रहे हैं।भौतिकता की भागम-भाग में पूरी दुनिया फंसी हुई है। रिश्ते-नाते, अपनापन सब भौतिक सत्ता पद धन वैभव की मृगतृष्णा में फँस तौले जा रहे हैं। निर्धारक बन स्वार्थपन ही नव अनुबन्धों और पारिवारिक अस्तित्व को परिभाषित और रूपांकित कर … Read more

चलें प्रकृति की ओर…

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** मित्रों, इन दिनों हम यहाँ गाँव की खेती में किसानी परिवेश में प्रकृति के संग मन-मुराद जी रहे हैं। प्रकृति की लय से लय मिलाने में वाकई कितना आनंद है। यहाँ का दिन भारद्वाज, कोयलिया, मैना और चिड़ियाओं की मिली- जुली सरगम के साथ शुरू होता है। प्राची पर उठती रंगोलियाँ, … Read more

रिश्ते सहेजने में ही सच्ची खुशी

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ यदि सच में खुशी चाहते हैं तो अपने रिश्तों को सहेजें। हम सभी अपने पूरे जीवन खुश रहना चाहते हैं और खुश रहने के लिए ही पैसा कमा कर सुख-सुविधा और ऐशो-आराम की चीजें इकट्ठी करते रहते हैं, लेकिन क्या खुशी को केवल पैसों से आप खरीद सकते हैं…? नहीं न…! पहले … Read more

भारतीय संस्कृति का सूरज हैं भगवान ‘महावीर’

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** महावीर जयन्ती (१० अप्रैल) विशेष… प्रत्येक वर्ष हम भगवान महावीर की जन्म-जयन्ती मनाते हैं। जयन्ती मनाने का अर्थ है महावीर के उपदेशों को जीवन में धारण करने के लिए संकल्पित होना, महावीर बनने की तैयारी करते हुए देश एवं दुनिया में अहिंसा, शांति, करूणा, प्रेम, सह-जीवन को साकार करना। शांतिपूर्ण, उन्नत एवं … Read more

ये गर्मी! और चाह, जो खत्म नहीं होती…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ “सूरज चाचा इतने क्यों गर्म हो रहे हो। थोड़ी राहत तो देदो। अभी तो शुरूआत के कुछ ही दिन हुए हैं। आपका यह रौद्र रुप हम सभी को डरा रहा है।” अब इस चिलचिलाती गर्मी का यह दौर मानो मौसम में कड़वाहट ला रहा है। तपन से तो पूरा वातावरण … Read more

प्लास्टिक व माइक्रोप्लास्टिक गंभीर खतरे की घंटी

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** प्रकृति को पस्त करने, वायु एवं जल प्रदूषण, कृषि फसलों पर घातक प्रभाव, मानव जीवन एवं जीव-जन्तुओं के लिए जानलेवा साबित होने के कारण समूची दुनिया में बढ़ते प्लास्टिक एवं माइक्रोप्लास्टिक के कण बड़ी चुनौती एवं संकट है। पिछले दिनों एक अध्ययन में मनुष्य के मस्तिष्क में प्लास्टिक के नैनो कणों के … Read more

जीवन को सुगंधित बनाता ‘नीम’

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** कल नाशिक जिले के उत्तरांचल इलाके में जाने का संजोग बना। इस मौसम में नदी का आँचलिक बड़ा ही खूबसूरत इलाका है। अगर किसी को बसंत ऋतु की मौजूदगी का प्रत्यक्ष आभास करना हो, तो बेशक इस इलाके में एक बार जरूर सैर करना चाहिए। दूर-दूर तक फैले सुजलाम, सुफलाम और … Read more

अनुकरणीय भगवान श्री राम

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “रमणे कणे-कणे इति राम’जो कण-कण में बसे, वही राम है।” श्री राम के विषय में सनातन धर्म में अनेक कथाएं एवं गाथाएं विद्यमान हैं। श्री राम के जीवन की अनुपम कथाएं महर्षि वाल्मीकि जी ने अत्यंत सुंदर शब्दों में रामायण में प्रस्तुत की है। इसके अतिरिक्त गोस्वामी तुलसीदास ने अवधी में ‘रामचरितमानस’ … Read more

संविधान:कांग्रेस का दोहरा रवैया दुर्भाग्यपूर्ण

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** कांग्रेस एक बार फिर संविधान को लेकर विवादों से घिर गई है। संविधान के संबंध में कांग्रेस का दोहरा रवैया एवं चरित्र फिर देश के सामने आया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अक्सर हाथ में संविधान की प्रति लेकर भाजपा पर इसे बदलने का आरोप लगाते रहे हैं। लोकसभा चुनाव … Read more

तन-मन की सकारात्मकता का पर्व है चैत्र नवरात्र

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना का प्रारंभ चैत्र नवरात्र से ही किया था। चैत्र प्रतिपदा से ही वैदिक धर्म का नव विक्रम् संवत् २०७९ प्रारंभ हो रहा है। चैत्र माह प्रकृति में बदलाव का सूचक है। हम लोगों को नकारात्मक विचारों को त्याग कर नई … Read more