नववर्ष है रचनात्मक तस्वीर के रेखांकन का

ललित गर्ग दिल्ली************************************** नया सवेरा, नयी आशाएं, नए संकल्प… नववर्ष मुड़कर एक बार अतीत को देख लेने एवं भविष्य को बुनने का स्वर्णिम अवसर। क्या खोया और क्या पाया, इस गणित को विश्लेषित करने एवं आने वाले कल की रचनात्मक तस्वीर के रेखांकन का प्रेरक क्षण। क्या बनाना है और क्या मिटाना है, इस अन्वेषणा … Read more

‘रामरस-रामनाम’ के बिना सब रसहीन

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* रामरस की अपार महिमा… एक गृहिणी के हाथ में न केवल बच्चों के पालने की डोर होती है, बल्कि इसके अलावा उस पर घर के लिए स्वस्थ और पौष्टिक भोजन तैयार करने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अगर वह इस बात को ध्यान में रखे तो अतिरिक्त नमक के सेवन … Read more

‘रामरस’ की अपार महिमा

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* भाग १… सर्वप्रथम आप सबको नववर्ष की आरोग्यदायिनी शुभकामनाएँ। बीत रहे साल की संध्या और नए साल की प्रभातबेला का जश्न बस हमारे घर की दहलीज पर खड़ा है। अब इस मौके पर मैंने भी अस्पताल जाने वाले हमेशा के मार्ग को छोड़कर अलग ही पगडण्डी खोजने का फैसला किया। जब … Read more

उदारीकरण एवं आर्थिक सुधार का सूर्य अस्त

ललित गर्ग दिल्ली************************************** भारत के धुरंधर अर्थशास्त्री, प्रशासक, कद्दावर नेता, २ बार प्रधानमंत्री रह चुके डॉ. मनमोहन सिंह का ९२ वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से आर्थिक सुधार का महासूर्य अस्त हो गया, भारतीय राजनीति में एक संभावनाओं भरा राजनीति सफर ठहर गया, जो राष्ट्र के लिए गहरा आघात है है। … Read more

जननेता और बहुआयामी व्यक्तित्व ‘अटल जी’

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के वह सितारे हैं, जिनकी चमक समय के साथ और प्रखर होती गई। वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि कवि, साहित्यकार, पत्रकार और सामाजिक चिंतक थे। उनकी जीवन यात्रा भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। एक साधारण … Read more

भारतीय राजनीति के दूसरे ‘भीष्म पितामह’

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में २५ दिसम्बर सन् उन्नीस सौ चौबीस को हुआ। वे बचपन से अन्य महान आत्माओं की तरह मेधावी व्यक्तित्व के पुरोधा थे। अटल बिहारी वाजपेयी कवि, पत्रकार एवं एक प्रखर वक्ता थे। उन्होंने भारतीय जनसंघ नामक संस्था की स्थापना की, और … Read more

राष्ट्र को समर्पित ‘अटल’ जीवन यात्रा

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… भारतीय राजनीति का महानायक, भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता, भारत रत्न, प्रखर कवि, वक्ता और पत्रकार अटल विहारी वाजपेयी की जन्म जयंती २५ दिसंबर को भारत सरकार प्रतिवर्ष ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाती है। इस वर्ष उनका १००वां जन्मोत्सव है, जिन्होंने प्रखर राजनेता, अजातशत्रु, विचारक, समाज सुधारक … Read more

संसद ही नहीं, देश भी शर्मिंदा

ललित गर्ग दिल्ली************************************** संविधान-निर्माता डॉ. भीमराव आम्बेडकर को लेकर भारतीय संसद में जो दृश्य पिछले कुछ दिनों में देखने को मिले हैं, वे न केवल शर्मसार करने वाले हैं, बल्कि संसदीय गरिमा को धुंधलाने वाले हैं। डॉ. आम्बेडकर को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस … Read more

‘मुफ्तखोरी’ विकास मार्ग का ज्वलन्त रोड़ा

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ मुफ्तखोरी और राष्ट्र का विकास…. ‘मुफ्तखोरी’ विकास का नकारात्मक पहलू है। जहाँ मुफ्तखोरी होती है, वहाँ तराजू का एक पलड़ा स्वत: धराशायी हो जाता है। मुफ्तखोरी एक परिवार में हो, समाज में हो या एक देश में हो, यह विकास के रास्ते को अवरुद्ध करने वाला कलंक है। विधाता ने जीव जगत को … Read more

समाज और देश पर कलंक है मुफ्तखोरी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मुफ्तखोरी और राष्ट्र का विकास… देश के लोगों में मुफ्तखोरी की आदत डालना देश के विकास को अवरुद्ध करना है, लेकिन देश के कर्णधारों को क्या कहें, जो कुर्सी की खातिर हमेशा ऐसी योजनाएँ लाते हैं और मुफ्तखोरी को बढ़ावा देते हैं। चुनाव के दौरान तो मुफ्त की कितनी ही योजनाएँ लाई … Read more