विलक्षण चेतना का पर्याय रहे जाकिर हुसैन और तबला

ललित गर्ग दिल्ली************************************** श्रद्धांजलि… दुनियाभर में शास्त्रीय संगीत में भारत को अलग पहचान दिलाने वाले उस्ताद मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं रहे। ७३ साल की उम्र में जाकिर हुसैन ने अमेरिका में आखिरी साँस ली। उनके निधन से भारतीय संगीत की लय थम गई, सुर मौन हो गए, भाव शून्य हो … Read more

अब तो न्याय मंदिर से बड़ी अपेक्षा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** अतुल सुभाष कांड:गंभीर प्रश्न…. बैंगलोर निवासी अतुल सुभाष (कृत्रिम मेधा-अभियंता) का दुखद अंत एक बार फिर हमारे समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है। इस आत्महत्या से विडंबना के साथ यह बड़ा प्रश्न सामने खड़ा हुआ है कि क्या हमारी कानूनी प्रणाली में खामियाँ हैं ?, क्या महिलाओं के … Read more

आधुनिक जीवन-शैली में रिश्तों की सार्थकता

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** वैसे तो इस आधुनिक जीवन-शैली में रिश्तों के मायने लगभग खत्म हो हो गए हैं, क्योंकि आजकल ज्यादातर लोग आभासी दुनिया में जी रहे हैं। हर वक्त सोशल साइट्स से जुड़े रहना, वहाँ नए-नए अनजाने मित्र बनाना, उनके बारे में कुछ न जानते हुए भी अपना मोबाइल नम्बर-पता आदि देना और फिर … Read more

आज भी ‘शोले’ हिंदी सिनेमा इतिहास के स्वर्णिम सफ़र पर…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ हेट एण्ड टेल सिक्के के २ पहलू होते हैं। कहीं जाना हो या कोई काम करना हो, तो वह टॉस होना भी फिल्म ‘शोले’ का अलग अंदाज ही था। फिल्म की शुरूआत में जो दृश्य फिल्माए गए, वह उस जमाने के सबसे शानदार चलचित्रों में थे। भारतीय हिन्दी सिनेमा की … Read more

यदा यदा हि धर्मस्य…

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** गीता का एक श्लोक है-“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्‌॥परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्‌।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे- युगे॥”अर्थात जब-जब इस पृथ्वी पर अनाचार और अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ जाता है, सज्जन लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है, चारों तरफ अधर्म का बोलबाला हो जाता है, तब-तब धर्म की स्थापना … Read more

लत से बाहर आना होगा, वरना…

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डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** मुफ्तखोरी और राष्ट्र का विकास… सुबह की चाय का पहला घूंट अभी हलक से उतरा ही था, कि अखबार की मोटी-मोटी हेडलाइन गले में अटकने की जगह बना गई। “फलां पार्टी अपने घोषणा-पत्र में लाई है नई रेवड़ियाँ।”अखबार के कुछ और पन्ने पलटे, तो ऐसा लगा जैसे चुनावी वादों का … Read more

राष्ट्र के लिए मुफ्तखोरी घातक

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मुफ्तखोरी और राष्ट्र का विकास….. किसी भी देश के लिए उसकी अर्थव्यवस्था बहुत ही आवश्यक है, पर जब इन पैसों से मुफ्तखोरी की योजना से तड़का लगता है तो मध्यमवर्गीय परिवारों को इसका नुकसान होता है। सरकारी पैसे को देश के विकास में लगाना उचित है, पर फिजूल की योजनाओं … Read more

दिल्ली:कांग्रेस कमजोर, भाजपा लाभ में

ललित गर्ग दिल्ली************************************** दिल्ली विधानसभा की ७० सीटों के लिए फरवरी तक चुनाव होने की संभावनाओं को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मियां उग्र हो गयी है। इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की तैयारी में जुट गई है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस भी इस बार सत्ता में वापसी … Read more

मैं जिन्दा हूँ!

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* आप सोच रहे होंगे, कि कहीं यह पुनर्जन्म की दास्ताँ तो नहीं है। जी नहीं, यह तो इसी धरातल पर (अभी तक) बसे पेंशन भोगी (निवृत्ति-निधि भोगी) की कहानी है। किसी ज़माने में सरकारी कुर्सी पर बैठ हर माह वेतन पाकर मर्यादित सुखोपभोग के आदी सरकारी नौकर निवृत्ति के पश्चात् भी … Read more

राजनीतिक सबक सीखने होंगे राहुल गांधी को

ललित गर्ग दिल्ली************************************** कांग्रेस की उलटी गिनती का क्रम रूकने का नाम नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के नतीजे इसी बात को रेखांकित कर रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस न तो भारतीय जनता पार्टी को टक्कर दे पा रही है, न ही देशहित के प्रभावी मुद्दे उठा पा रही है। देश में … Read more