समृद्धि की प्रतीक ‘धरोहर’ हिन्दी

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** भक्ति, संस्कृति एवं समृद्धि की प्रतीक हिंदी (हिन्दी दिवस विशेष)… हिन्दी आज दुनिया की एक महत्वपूर्ण भाषा बन गयी है। आज १२७ देशों के विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जाती है। दुनिया के लगभग सभी देशों में हमारे दूतावास हैं। अन्य देशों के भी दूतावास हमारे देश में हैं। इनमें से कई … Read more

यह कैसा श्राद्ध…!

शीलाबड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** पितृ पक्ष विशेष… भारतीय रीति-रिवाज और परंपराओं में श्राद्ध पक्ष का बड़ा महत्व है, जिसमें अपने परिवार के पूर्वज और बड़े-बुजुर्गों की आत्मा की शांति-मुक्ति के लिए पूजा-पाठ, हवन, तर्पण आदि कर प्रार्थना की जाती है। उन लोगों की खुशी या मुक्ति के लिए प्रार्थना की जाती है, जो इस दुनिया … Read more

राजनीतिक दबाव का ‘आतिशी’ दाँव

ललित गर्ग दिल्ली************************************** अरविंद केजरीवाल राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं। उन्होंने राजनीति में कुछ मौलिक प्रतिस्थापनाएं की है, बने-बनाए रास्तों पर न चलकर नये रास्ते इजाद किए हैं। उनके व्यवहार एवं वचनों में विरोधाभास स्पष्ट परिलक्षित होते रहे हैं, लेकिन ये ही विरोधाभास उनकी राजनीतिक चमक का कारण भी बने हैं, क्योंकि राजनीति में सब … Read more

समृद्धि पथ पर अग्रसर हिंदी

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* भक्ति, संस्कृति एवं समृद्धि की प्रतीक हिंदी (हिन्दी दिवस विशेष )… किसी भी देश की भाषा और संस्कृति का सामंजस्य समय-काल से स्थापित होता है। जब जन किसी भी व्यक्ति की मातृभाषा सुनते हैं, तब सहसा विचार आता है, अच्छा वो व्यक्ति अमुक देश का है, अमुक प्रांत का है, … Read more

हिंदी:बदलते भारत के परिवेश का दर्पण

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* भक्ति, संस्कृति, और समृद्धि की प्रतीक ‘हिन्दी’ (हिन्दी दिवस विशेष)… “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।” -भारतेंदु हरिश्चंद्रसाहित्यिक अनुभूति एवं अभिव्यक्ति के लिए व्यक्तिगत व सांस्कृतिक सभ्यता की स्वतंत्रता आवश्यक होती है। मुग़ल सल्तनतों के आक्रमण का विरोध करने वाले राजा, भक्तिमार्ग का प्रसार करने वाले संत, विलासिता को … Read more

भारतीय समाज की आत्मा को जोड़ने वाला सेतु ‘हिन्दी’

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** भक्ति, संस्कृति, और समृद्धि का प्रतीक ‘हिंदी’ (हिंदी दिवस विशेष)… प्राचीन काल से ही भारतीय साहित्य ,सामाजिक संरचना और संस्कृति में हिंदी भाषा का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक है। हिंदी भाषा ने अखंड भारत की आत्मा में भक्ति, संस्कृति और समृद्धि को अक्षुण्ण बनाए रखा है। महात्मा गांधी ने … Read more

‘हिन्दी’ तिलक, दबाने की नहीं; ऊपर उठाने की आवश्यकता

ललित गर्ग दिल्ली************************************** भक्ति, संस्कृति, और समृद्धि का प्रतीक ‘हिंदी’ (हिंदी दिवस विशेष)…. सम्पूर्ण भारत में १४ सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई और आज इस दिवस की अधिक प्रासंगिकता क्यों उभर रही है ?, क्योंकि हमारे देश में दिन-प्रतिदिन हिंदी की उपेक्षा … Read more

समाज तथा परिवार के मध्य महती सेतु ‘शिक्षक’

रश्मि लहरलखनऊ (उत्तर प्रदेश)************************************************** शिक्षक समाज का दर्पण… आलेख /सब ओल्ड /, समाज के निर्माण में परिवार के पश्चात मुख्य भूमिका शिक्षक की होती है। परिवार से बच्चे पीढ़ियों पुराने रीति-रिवाज, दीर्घकालीन चलने वाली रूढ़िवादिता के साथ-साथ सांस्कृतिक तथा सामाजिक चेतना जगाने वाले अनेक विचारों से स्वयं को प्रभावित पाते हैं। उनके बाल मन में … Read more

सफलता हाथ लगते ही ठंडे बस्ते में डाल दिया हिंदी-उर्दू को

प्रो. देवराजइम्फाल********************************** हाल-ए-बंगाल… कलकत्ता विवि के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अमरनाथ ने पश्चिम बंगाल शासन द्वारा जारी डब्ल्यू बी.सी. एस. परीक्षा से हिंदी और उर्दू को बाहर निकाल कर, यह परीक्षा केवल बांग्ला और नेपाली भाषाओं में आयोजित करवाने संबंधी अधिसूचना का जो मुद्दा उठाया है, वह सभी भारतीय भाषाप्रेमियों को चिंतित करने वाला है। राज्य … Read more

विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास ही शिक्षक का कर्तव्य

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* शिक्षक समाज का दर्पण…. अच्छा शिक्षक उत्साही, मिलनसार, सहज, शिक्षार्थियों के साथ तालमेल विकसित करने में सक्षम, अपने छात्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध, मिलनसार, शिक्षार्थियों में लोकप्रिय और आदर्श प्रतिमान के रूप में अपनी स्थिति के प्रति हमेशा सचेत होता है। एक अच्छे शिक्षक में कई तरह के कठोर और … Read more