ठंड झूमकर आई
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** प्रखर सूरज नहीं उगतानिकलता देर से बाहर,अँधेरा हो रहा जल्दीठंड अब झूमकर आई। घूमने का मजा दिन भरउठाते लोग जाड़े में,चलो सब घूम कर आएँठंड अब झूमकर आई। पुष्प हर रंग के प्यारेखिले हैं आज बगिया में,धूम अब सब्ज़ियों की हैठंड अब झूमकर आई। स्वाद की बात जाड़े मेंबनाओ हलवा गाजर का,साग … Read more