सुख-दु:ख कर्म सिद्धांत

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** किसी के कारण सुख न पाते जग में तुम।किसी के कारण दुःख न पाते जग में तुम॥तुमको तुम्हारे कर्मों का ही फल मिलता,भोग के उनको मूल्य चुकाते जग में तुम॥ तुमको मानव देह मिली, है छूट तुम्हें,करो पाप या पुण्य इकट्ठा कर जाओ।रटो-जपो जी भर के नाम प्रभु जी … Read more

भारत का संविधान है शान

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* संविधान, संविधान, संविधान,क्या है ये यह भारत का संविधानजिसकी रट लगाये राजा से रंक,प्रजा से प्रधान कह रहे हैं एक ही विधान। ‘संविधान’ है देश की, सबसे ऊँची शान,देश को कैसे चलाया जाए उसकी जानएक किताब में लिख रख है देश का गुमान,इसमें सबका हक़ लिखा, इसमें सबका मान। हज़ारों भाषाएं … Read more

अहिंसाग्राम

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** “दादी, आज कौन-सी कहानी या किस्सा सुना रही हो ?” पोते ने कहा।” आपके पास तो सूचनाओं का भण्डार होता है।”“हाँ, आज तुझे सुना रही हूँ एक बड़ी अच्छी खबर। एक है अहिंसाग्राम।”दादी की बात पूरी भी नहीं हुई थी, कि पोते ने बीच में टोका- “अहिंसा नाम तो सुना था। कोई … Read more

संविधान को समझें

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** संविधान को जाने समझेंसंविधान निर्माता कौन,किसने इसको रूप दियाऔर संविधान का ज्ञाता कौन ? इसमें क्या अधिकार हमारेऔर हैं क्या कर्तव्य यहाँ,हर भारतवासी का धर्म हैसमझे सब कुछ पढ़ें यहाँ। योग्य नागरिक होकर उसकोसब कुछ जानने का अधिकार,हैं कर्तव्य हमारे क्या-क्या ?और क्या पाने का अधिकार। बाबा साहेब आम्बेडकर जी नेबड़ी भूमिका … Read more

आत्मा की तृप्ति

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वहाँ प्रभाव का आधार है,धर्म की स्थापना का सार हैजीवन स्पी मझधार में किनारा वही है,गीता आत्मा की तृप्ति का मार्ग है। धर्म के संस्कारों में,गीता के ज्ञान का महत्व हैवह हम सभी के लिए,आत्मा की तृप्ति का मार्ग है। समय का आयम है,कर्म का अटूट फल हैगीता सिर्फ ग्रंथ … Read more

मन मदमस्त

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** मन मस्ती में, भीगी हँसी छलकी  मस्ती धड़की। धूप चादर, फैला चंचल पल   मन बाहर। ठंडी पवन, खलबली-सी भरे खुशी की लय। तालों की गूँज, नटखट थिरके  मन की साँस। बादल घेरे, पाँवों में परछाई  हर्ष के डेरे। चाय की भाप, दोस्तों संग खिली है मस्ती के पल। हँसी की धुनें, पवन … Read more

तन्हाई के साये

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** वो मुझे तन्हा कर गयी,मुझे छोड़कर किसीऔर पर,फिदा हो गयी। तन्हाई मुझे बहुत,सताती हैहर वक्त उसकी,याद आती है पता नहीं क्या कमी,थी मेरे प्यार मेंजो मुझे तन्हा छोड़,गयी इस संसार में। अब तो मैंने तन्हाई को,अपना दोस्त बनाया हैजुदाई के घाव पर,यह मरहम लगाया है। वक्त नहीं कटता,तन्हाई मेंबड़े … Read more

लोकतंत्र अभिमत वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ‘संविधान पावन दिवस’, पुन: मनाएँ आज।हो विकसित भारत वतन, महाशक्ति जग ताज॥ देशभक्ति जन मन बसे, सैन्य विजय हो आश।देशद्रोह आतंक का, हो सकता है नाश॥ संविधान कसता नियम, नीति-रीति आचार।समता आजादी वचन, धर्म न्याय अधिकार॥ देश प्रगति बढ़ते कदम, पड़ी निगाहें लोक।युवाशक्ति भारत सबल, दे विकास आलोक॥ दीन-हीन … Read more

पूरा है विश्वास

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मन में है विश्वास कभी दिन बहुरेंगे अपने,शायद वह दिन आए, जब सच्चे होंगे सपने। सबके सपने पूरे करते-करते, जीवन बीत गया है,मेरे भी कुछ सपने होंगे, हर कोई इसको भूल गया है। जब बच्चे छोटे थे, उनके नखरे खूब उठाती थी,उनकी खुशियाँ मेरी खुशी थी, खुशी-खुशी सब करती थी। अब सब … Read more

आगे बढ़ो नारी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ अब छोड़ दो समाज की पुरानी नीतियाँ,भुला दो सारी पुरानी कहानियाँअब खत्म करो पुरानी रीतियाँ,अब है चुनौतियाँ, पुरानी कुरीतियाँअब तुम बस अपने राष्ट्र के लिए श्रृंगार करो,आगे बढ़ो नारी, आगे बढ़ोतुम सदैव आगे बढ़ो। छोड़ दो अश्रु धारा को,टूटो नहीं तुम दिल सेअपने मन के सारे दुःख दर्द को दूर करो,हिम्मत से … Read more