गुल्लक का खेल
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गुल्लक को देखा जब मैंनेबचपन आँखों में तैर गया,याद मुझे आयी छुटपन कीकैसा माँ ने खेल किया। सबको गुल्लक बाँटी थी औरबोली इस पर नाम लिखो,अपनी-अपनी सभी सम्हालोफिर देखो यह काम करो। पास तुम्हारे रंग पड़े हैंइसको खूब सजाओ तुम,जो कुछ पास में रखा हैउससे काम चलाओ तुम। रोज़ मैं दूँगी एक … Read more