करें ‘मौन’ अर्पित

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** मौनी अमावस्या (१८ जनवरी) विशेष… ‘मौन’,शक्तिशाली माध्यमटाल देता संघर्ष,बहुत जरूरीहथियार। ‘मौन’,हटाता नकारात्मकताबढ़ाता धैर्य, मजबूती,एकाग्रता दिखतीसुनिर्णय। ‘मौन’,रखना चाहिएहोता बड़ा फायदा,समझ आताभविष्य। ‘मौन’,मुस्कान जादूगरदिलाती अक्सर सफलता,समझना होगाजीवन। ‘मौन’,है शांतिशब्द अभाव नहीं,है तपबुद्धिमता। ‘मौन’,महत्ता समझिएप्रेरणा है सघन,अवसर पावनआध्यात्म। ‘मौन’,साधना है,है आध्यात्मिक यात्राकड़ा अनुशासनचेतना। ‘मौन’,एक अंतर्भाषासीधे आत्म संवाद,कड़ा उपदेशसिद्धियाँ। ‘मौन’,उच्चतम शिखरथमता मन-तरंगें,सौन्दर्य ज़िंदगीऊर्जा। ‘मौन’,शक्ति संचयदिशा, … Read more

उँगलियाँ

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** उँगलियाँ किसी पर भी उठा देते हैं लोग बस,बात को बातों में ही, उड़ा देते हैं लोग बस। चाय में डालकर अखबार को भी पी जाते हैं,मुद्दा कोई गुफ्तुगू का जुटा लेते हैं लोग बस। अगर अपने आँगन में जलाने को दीया नहीं,तेल दूजे के घर का भी चुरा लेते हैं … Read more

सूरज सोया ओढ़ रजाई

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** वृक्ष-पात से नीर झरे,धुंध ही धुंध दिखाई पड़ेहाड़ कम्पाती ठंडक आई,सोया सूरज ओढ़ रजाई। बोला अब ना निकलूंगा,अब करना मुझे विश्रामचलते-चलते थक जाता हूँ,पहर और आठों याम। सुन माँ अदिती दौड़ी आई,प्यार से कुछ बातें समझाई।उठ जा बेटा फेंक रजाई,समझ जरा तू पीड़ पराई। देख धरा पर कैसी हलचल,जीव-जंतु सब हो रहे … Read more

संकल्प को सफल बनाना है

वंदना जैनमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************ ‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ (नववर्ष २०२६ विशेष)…. विस्तृत गगन को नाप कर छोटा-सा बनाना है,स्वर को मुखर और संकल्प को सफल बनाना है। पतझड़ को झाड़ कर बसंती छटा को बिखर जाना है,राह कंटकों को पराजित कर लक्ष्य को पा जाना है। संघर्ष से तपती देह को शीतल चाँदनी में लेटाना … Read more

भारत का दिव्य पुत्र

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ एक ही कार्य हाथ में लो, उसे करके दिखलाओ,कष्ट चाहे जितने भी आए, देश का मान न मिटाओ। मन किया शिव व्रत जन्म लिया, बालक देवत्व।नाम नरेंद्र दत्त था, माँ का था वह बड़ा दुलारा। भटकते-भटकते मिल ही गए गुरु महान,इंतजार में बैठे रामकृष्ण परमहंस काली के दरबार। गुरु दिए भरपूर ज्ञान, … Read more

घोर प्रदूषण

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* फैल रहा चहुँ और, जगत में घोर प्रदूषण।प्रतिदिन बढ़ते रोग, मिटे यह जीवन प्रति क्षण॥दोहन करता नित्य, मनुज कुदरत का जग में।मारे तीक्ष्ण कुठार, स्वयं ही अपने पग में॥ भौतिकता की होड़, मची है जीवन के रण।मनुज आज बेहाल, सृष्टि में दूषित कण कण॥जल थल नभ अरु वायु, प्रदूषित है जग … Read more

लक्ष्य को हासिल करो

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** दिन महीना पुराना, साल गुजरा,कुछ खट्टा-मीठा, भूला-बिसरा। आओ मनाएं नया, साल आ गया,कुछ नया करने का मुकाम आ गया। जो गलती हमसे, पहले हो गई,जो भी हमारी, मंज़िल छूट गई। गलती को फिर, से न दुहराना है,छूटी मंज़िल को, फिर से पाना है। सिर्फ कोरा वादा, नहीं करना है,वादा पूरा हो ऐसा, … Read more

महान पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** पद्म विभूषण, महान स्वतंत्रता सेनानी, पर्यावरण आंदोलनकारी,माता पूर्णा देवी एवं पिता अम्बा दत्त बहुगुणा जी थे वन अधिकारीपुत्र ९ जनवरी १९२७ को टिहरी गढ़वाल में जन्मोत्सव की तैयारी,नाम सुंदरलाल बहुगुणा जो आज़ादी के महासंग्राम में सौंपी ज़िंदगी सारी। प्रारम्भिक शिक्षा टिहरी में कर लाहौर में स्नातक की मिली उपाधि,१३ … Read more

अपनी-अपनी सोच

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अपनी-अपनी सोच है, अपनी- अपनी बात।कोई धीरज संयमी, फँसे कोय जज्बात॥ अपनी-अपनी सोच है, बढ़ना जीवन चाह।बढ़े विवेकी सत्पथी, मिलती खुद ही राह॥ अपनी-अपनी सोच है, सदाचार व्यवहार।गढ़ते जीने की कला, संस्कार परिवार॥ अपनी-अपनी सोच है, जीते जन संसार।रिश्ते-नाते सब बने, अपनापन आधार॥ अपनी-अपनी सोच है, शिक्षा या व्यापार।राष्ट्रद्रोह … Read more

पलता है उल्लास नव

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* माघ मास का पुण्य फल, दिनकर बड़ा महान।सूर्य मकर में जा रहा, करते सब यशगान॥ पलता है उल्लास नव, खुशहाली का दौर।तिल लड्डू संक्रांति पर, सारे करते गौर॥ नदिया में डुबकी लगा, भर लो हृदय उमंग।आसमान से धूप ने, भेजें चोखे रंग॥ मेलों की हैं मस्तियाँ, बिखर रहा आनंद।शोभित है संक्रांति … Read more