तुम्हारे… होने से…

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* तुम्हारे होने से मन में, मधुमास  प्रेम का रहता है,सूने जीवन के आँगन में, विश्वास   खिला मुस्काता हैविरह मिले तो याद तुम्हारी जलती है दीपक बनकर,मिलन घड़ी में अधरों पर, मुस्कान सुगंधित खिलती है। समर्पण से रिश्तों की डोरी और   प्रगाढ़ हो जाती है,अनकही बातें मौन हियतल की, तुमसे ही कह पाती हैसहज-सुगम हो जाती जब तुम साथ … Read more

सीधे दिल में उतरता है ‘हाउस हसबैंड’

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)************************************** सुरजीत मान जलईया सिंह द्वारा रचित उपन्यास ‘हाउस हसबैंड’ (श्वेतवर्णा प्रकाशन) जिसका नाम सुनते ही मन में उसे पढ़ने की जिज्ञासा मन में भर आई, जिस उपन्यास का शीर्षक ही एक नये विषय के केन्द्र के इर्द-गिर्द बुना हो और वह जिस सहजता से एक चित्र हमारे सामने खींचता है, वह वर्तमान … Read more

हमें न भूल पाओगे

राधा गोयलनई दिल्ली************************************ चले जाते हो हमसे मोड़ कर मुँह, इस तरह से तुम, मगर यह याद रखना, तुम हमें न भूल पाओगे।  तुम्हारी याद को दिल में बसा कर, इस तरह रक्खा,उन्हीं यादों के साये में, ज़िंदगी हम बिताएंगे। मेरी यादें तुम्हारे दिल से हर्गिज मिट न पाएंगी,तुम्हें हर पल सताएंगी, तुम्हें हर पल रुलाएंगी। तुम्हारी … Read more

है युवाओं का योगदान

ममता सिंह ‘विशिष्ट’धनबाद (झारखंड)******************************* हिन्दी के विकास में है युवाओं का योगदान,यही है हमारी धरोहर, इसकी बढ़ाते शान। हिंदी हमारी मिट न पाए इसका रखते ख्याल,हिन्दी से ही हमें मिलती है इक जान-पहचान। सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, वाटसअप, टेलीग्राम,फेसबुक, यू-ट्यूब पर होती है पढ़ाई और आसान। करते हिन्दी का ही प्रयोग, युवा कहानी-कविता,चुटकुले-पहेली औ अपनी समस्या … Read more

भाई-बहन का त्योहार ‘करमा’

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) **************************************** भाई-बहन का त्योहार है करमा,बड़ा ही नेक, बड़ा ही सुन्दर भावइसमें दिखता है बहनों का कर्म,छिपा है यहाँ सभी भाई का धर्म। सप्ताहभर का है यह पावन त्योहार,पहले दिन बहनें डाली में जावा बुनतीफिर चारों ओर इसके नाचती-गाती,भाई भी ढोल-मांदर से देते हैं साथ। जब जावा अंकुरित होता, खुशी आती … Read more

ज्ञान-ज्योति जलाएँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अज्ञान अंधकार मिटाकर ज्ञान-ज्योति जलाएँ,हर घर में प्रेम हृदय शिक्षा के दीपक सजाएँअक्षर-अक्षर जीवन नव नव अर्थ  प्रदान करे,साक्षरता से मानवता का चारु विश्व बनाएँ। मात्र अक्षर-ज्ञान नहीं शिक्षा, जन-अधिकार  बने, जीवन रहस्य समझने का सच्चा आधार बनेस्वयं के अधिकारों की भाषाएँ जो पढ़ लेते, उनके हाथों में स्वयं भविष्य का अधिकार रहे। बेटी हो या बेटा, सबको शैक्षणिक  मान मिले,श्रमिक,किसान, वंचित जनों को ज्ञान-सम्मान मिलेकोई न रहे अज्ञान अंधकारमय इस जग में,हर जीवन को पढ़ने-लिखने का स्वाभिमान मिले। आओ मिलकर सभी साक्षरता … Read more

हिंदी सुधा सम समीरा

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** जन-मन का भाव हिंदी (हिंदी दिवस विशेष)… हिंदी सभ्य संस्कार जगाती,गुनगुनाऊं जब, झूमे हिंदींमन के छंद बुनती हिंदी,सुन्दर मधुर तान हिंदी।  हिंदी मेरी धवल शान है,हिंदी मेरी स्वाभिमान हैहिंदी मेरी मातृ पहचान है,हिंदी मेरी राष्ट्र पहचान है। हिंदी साहित्य रस उड़ेल,गद्य पद्य मनोहर रसालहिंदी कविता मन डोल,हिंदी जग में रस … Read more

हिंदी का मान

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)********************************** जन -मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)…. हमारा मान है हिंदी,हमारा सम्मान है हिंदीजन-जन की भाषा है ये,हमारी पहचान है हिंदी। माँ के आँचल की यह बोली,मन के भावों की भाषा हैजिसमें अपने सुख-दुख बाँटें,वह हिंदी हमारी मातृ भाषा है। लोकगीतों की मधुर तान में,साहित्य के उजले शब्दों मेंभारत की गौरव-गाथा … Read more

राधा जी तो धर्ममय…

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)*************************************** राधा जी प्राकट्य है, दिवस सुहाता ख़ूब।भक्तिभाव का तेज है, जाओ सारे डूब॥ बरसाने की राधिका, बनी प्रेम-दृष्टांत।बनी कृष्ण की साधिका, नित भीतर से शांत॥ पुत्री थी वृष्भानु की, सुंदर और सुशील।अंधकार में रोशनी, चर्चा मीलोंमील॥ कन्हाई से प्रीति कर, बनी जगत की ख़ास।राधा जी तो धर्ममय, सदा पुण्य की आस॥ … Read more

जय गणनायक

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** पधारिए ना विघ्नहर्ता… (गणेश चतुर्थी विशेष)… जय गण नायक, जय विघ्नेशआओ हरने सकल कलेश,प्रथम पूज्य हे गणपति देवानिश-दिन करूँ आपकी सेवा। सब चर-अचर में करते वासज्योतित करते दीप प्रकाश,ज्ञान-ज्योति अंतस् में भरतेमोह-तिमिर सब दूर करते। रिद्धि-सिद्धि के हैं अधिनायककर मोदक सबको सुखदायक,हे प्रभु कृपा आपकी पायेंसत्पथ पर अविचल ले जायें। अंकुश-पाश हाथ … Read more